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अमेरिकी सीनेट में विधेयक पेश, रूसी तेल खरीदने वाले भारत सहित 5 देशों पर लगेगा 100 प्रतिशत शुल्क

इस विधेयक को रूस के राजनीतिक नेतृत्व, वित्तीय संस्थानों, ऊर्जा क्षेत्र और प्रतिबंधों से बचने वाले नेटवर्क पर अनिवार्य प्रतिबंध लगाकर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के लिए इस्तेमाल होने वाली कमाई से वंचित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।

Photo : AP

US tariff: अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के उच्च सदन सीनेट में 60 से अधिक सदस्यों के समर्थन से एक विधेयक पेश किया गया है जिसमें रूसी तेल खरीदने पर भारत और चीन समेत पांच देशों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रावधान है। हालांकि, इस विधेयक में रूसी प्राकृतिक गैस खरीदने वाले यूरोपीय देशों को छूट दी गई है। सदन में बृहस्पतिवार को पेश इस विधेयक का मसौदा डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य रिचर्ड ब्लूमेंथल और रिपब्लिकन पार्टी के दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने मिलकर तैयार किया था।

भारत, चीन सहित 5 बड़े खरीदारों पर लगेगा शुल्क

इस विधेयक को रूस के राजनीतिक नेतृत्व, वित्तीय संस्थानों, ऊर्जा क्षेत्र और प्रतिबंधों से बचने वाले नेटवर्क पर अनिवार्य प्रतिबंध लगाकर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के लिए इस्तेमाल होने वाली कमाई से वंचित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। ब्लूमेंथल ने मंगलवार को कहा था कि प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य रूसी तेल के पांच बड़े खरीदारों चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाना है।

यूरोप के कुछ देशों को भी मिली छूट

सीनेट में बृहस्पतिवार को पेश किये गए विधेयक में उन देशों से होने वाले आयात पर शुल्क लगाने का प्रावधान है जो रूसी कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के दुनिया के शीर्ष पांच खरीदार हैं, या जो रूसी तेल पर लगे प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले शीर्ष पांच देशों में शामिल हैं। यह विधेयक अधिकतर यूरोपीय सहित उन देशों को छूट देता है, जो रूस से कुल प्राकृतिक गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से भी कम आयात करते हैं और जो इस आयात को कम करने के लिए अहम कदम उठा रहे हैं।

रूसी यूरेनियम की खरीद को छूट दी गई

विधेयक में यह भी कहा गया है कि अमेरिका व्यापार प्रतिनिधित्व प्रत्येक 180 दिनों में सबसे ज्यादा खरीद करने वाले शीर्ष पांच खरीदारों की समीक्षा करें और खरीदारी की परिपाटी में बदलाव के आधार पर शुल्क दरों में भी बदलाव करें। प्रस्तावित कानून में अमेरिका द्वारा अपने परमाणु रिएक्टरों और चिकित्सा जरूरतों के लिए रूसी यूरेनियम की खरीद को छूट दी गई है। इसमें परमाणु और अंतरिक्ष क्षेत्र में अमेरिका-रूस सहयोग के तहत की जाने वाली गतिविधियों को भी शामिल नहीं किया गया है।

'लिंडसे ओ ग्राहम प्रतिबंध रूस अधिनियम 2026’ नाम से तैयार इस विधेयक को ग्राहम को श्रद्धांजलि करार दिया गया, जिनका शनिवार को निधन हो गया। विधेयक के पुराने मसौदे में रूस से तेल और गैस खरीदने वालों पर 500 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव किया गया था।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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