वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बड़ा कदम उठाते हुए टेस्ट टीम की कप्तानी एकबार फिर से बाबर आजम को सौंप दी थी। बाबर आजम ने शान मसूद की जगल ली थी, जिनके नेतृत्व में टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही थी। लेकिन अब पीसीबी के इस फैसले पर पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने सवाल खड़े किए हैं।
खिलाड़ी के तौर पर खेलने देना चाहिए
मोहम्मद आमिर ने कहा कि बाबर आजम पिछले कुछ सालों से लगातार फॉर्म से जूझ रहे हैं। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट शतक 4 साल पहले जड़ा था। टी20 वर्ल्ड कप के लीग स्टेज में बाहर होने पर उनकी बल्लेबाजी की आलोचना हुई थी। इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान सुपर लीग में धमाकेदार वापसी की थी। उन्होंने 73.5 की औसत और 145.9 की स्ट्राइक रेट से 588 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने दो शतक और 3 अर्धशतकीय पारी खेली थी।
आमिर की मानें तो करीब ढाई साल बाद उन्होंने अभी-अभी अच्छी बल्लेबाजी करनी शुरू की है। आप कह सकते हैं कि वह अच्छी लय में दिख रहे हैं, और आप उन पर कप्तानी का दबाव दे रहे हैं। मुझे नहीं पता कि वह क्या करने वाला है।
मुझे लगता है, मेरी निजी राय में, उसे एक खिलाड़ी की तरह खेलना चाहिए था, बिना किसी दबाव के, क्योंकि वही एकमात्र ऐसा खिलाड़ी है जिस पर हम भरोसा कर सकते हैं, है ना? वह इस समय पाकिस्तान का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी है। लेकिन मुझे लगता है कि कप्तान के तौर पर यह सही फैसला नहीं है।”
कैसा है कप्तान के तौर पर बाबर का रिकॉर्ड
बाबर की कप्तानी में पाकिस्तान का प्रदर्शन ठीक-ठाक रहा है। उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने 20 टेस्ट मैचों में से 10 में जीत दर्ज की है जबकि 4 मैच ड्रॉ रहे हैं। 6 मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है। बाबर को फिर से इसलिए कप्तान बनाया गया क्योंकि मसूद की कप्तानी में पाकिस्तानी टीम संघर्ष कर रही थी। मसूद ने अपने नेतृत्व में खेले गए 16 टेस्ट मैचों में से केवल चार में जीत हासिल की।
