James Anderson Farewell Test: किसी चीज को दिल से चाहो तो पूरी कायानात उसे, आपसे मिलाने पर लग जाती है। यह फिल्मी डॉयलॉग इंग्लैंड के महान तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन पर एकदम फिट बैठती है। यही कारण है कि उन्हें 21 साल के लंबे करियर के बाद लॉर्ड्स में वही शाही विदाई मिली जिसके वह हकदार थे। जहां अपने टेस्ट करियर की पहली गेंद डाली थी वहीं उन्होंने अपने 21 साल लंबे करियर की आखिरी गेंद फेंककर अपने सबसे चहीते और दिल के करीब क्रिकेट को गुडबॉय कह दिया।
जेम्स एंडरसन का आखिरी स्पेल
जेम्स एंडरसन ने अपने करियर के आखिरी और 188वें टेस्ट मैच में कुल चार विकेट झटके। इसके साथ ही उनके 21 साल का लंबा करियर 704 विकेट के साथ खत्म हुआ। वह शेन वॉर्न के 708 विकेट के रिकॉर्ड से जरूर 4 कदम दूर रह गए, लेकिन एक तेज गेंदबाज के तौर पर उन्होंने अपने करियर में जो हासिल किया। उसे तोड़ पाना यह उसके करीब पहुंच पाना, आने वाले क्रिकेटरों के लिए शायद नामूमकीन है। तेद गेंदबाज के लिए 21 साल का करियर लगभग असंभव सा टास्क है जिसे उन्होंने अपने मेहनत, लगन और खेल के प्रति अपनी तपस्या से हासिल किया। आखिरी मुकाबले में उन्होंने 4 विकेट चटकाए और वेस्टइंडीज के खिलाफ अपनी टीम को एकतरफा जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
700 टेस्ट विकेट लेने वाले इकलौते तेज गेंदबाज
जेम्स एंडरसन का करियर 704 विकेट के साथ खत्म हुआ। वह 700 से अधिक विकेट लेने वाले इकलौते तेज गेंदबाज हैं। वह मुथैया मुरलीधरन (800) और शेन वार्न (708) के बाद इस फॉर्मेट के तीसरे सबसे सफल गेंदबाज हैं।
फैंस ने दी शाही विदाई
मैच के बाद जब एंडरसन मैदान से बाहर जा रहे थे तब फैंस ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उन्हें सम्मान दिया। इस दौरान दर्शकदीर्घा में उनके माता-पिता, पत्नी और बच्चे भी मौजूद थे। यह एंडरसन के लिए भावुक करने वाला पल था और हुआ भी वही, जाते हुए वह अपने आंसूओं को छुपा नहीं पाए। इससे पहले तीसरे दिन की शुरुआत में उन्हें दोनों टीमों की ओर से ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ का सम्मान दिया गया जिसके बाद वह भावुक दिखे।
मैच के बाद एंडरसन की आखिरी स्पीच
मैच के बाद भावुत एंडरसन ड्रेसिंग रूम में लौटने के बाद कहा, ‘‘ इस सप्ताह गेंदबाजी के बाद मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं 55 साल का हो गया हूं। ‘उन्होंने नासिर हुसैन से कहा, ‘‘ इंग्लैंड के लिए खेलना दुनिया का सबसे अच्छा काम है। मुझे लंबे समय तक ऐसा करने का सौभाग्य मिला। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं भाग्यशाली रहा हूं कि मुझे कुछ अद्भुत खिलाड़ियों, कुछ प्रतिभाशाली क्रिकेटरों के साथ खेलने का मौका मिला। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि मैंने जीवन भर के लिए कुछ बहुत अच्छे दोस्त बनाए हैं।’’
उन्होंने ड्रेसिंग रूम को निहारते हुए कहा, ‘‘मुझे इस बात से जलन हो रही है कि इन युवा खिलाड़ियों को अगले कुछ वर्षों तक इसका अनुभव मिलेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको बस यही सलाह दूंगा कि हर पल का लुत्फ उठाये क्योंकि यह एक शानदार यात्रा है।’’ एंडरसन ने अपने टेस्ट करियर का अंत वहीं किया जहां 21 साल पहले शुरू किया था। उन्होंने 2003 में इसी मैदान पर जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था।
(भाषा इनपुट के साथ)
