स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। चार साल बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का न्यूजीलैंड दौरा उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। यूपी के इस तेज गेंदबाज ने खूब रन खर्चे और विकेट के लिए तरसता दिखा। वह अपने रंग में नहीं दिखे। खराब बॉलिंग प्रदर्शन के बाद पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज इरफान पठान ने भुवनेश्वर के चयन पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि भुवी के चयन से एक यंगस्टर को मौका नहीं मिल सका।
भुवनेश्वर कुमार ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच में से चार मैच खेले। इस दौरान उन्होंने कुल 32 ओवर की गेंदबाजी की, जिसमें उन्होंने कुल 180 रन खर्च किए और मात्र एक विकेट हासिल कर सके। पहले T20I में भुवनेश्वर की वापसी वैसी नहीं रही जैसी उम्मीद थी। चार साल बाद अपना पहला T20I खेलते हुए, उन्हें कोई विकेट नहीं मिला और उन्होंने चार ओवर में 12.25 की इकॉनमी रेट से 49 रन दिए। दूसरे T20I में उन्हें इस सीरीज का अपना इकलौता विकेट मिला, जब उन्होंने डेरिल मिचेल को आउट किया। हालांकि, अपने चार ओवरों में उन्होंने 50 रन लुटा दिए।
पठान ने चयन पर उठाए सवाल
तीसरे मैच में भी यह अनुभवी तेज गेंदबाज कोई विकेट नहीं ले सका और उसने 40 रन दिए। चौथे टी20 मैच में उनकी जगह मयंक यादव को मौका मिला। हालांकि, पांचवें और आखिरी मुकाबले में भुवी की फिर वापसी हुई। आखिरी मैच में भी भुवनेश्वर कोई खास प्रभाव नहीं डाल सके। उन्होंने चार ओवर में बिना कोई विकेट लिए 41 रन दिए। इस प्रदर्शन को देखते हुए इरफान पठान ने उनके चयन पर सवाल उठाए।
अपने यूट्यूब चैनल पर पठान ने कहा, मेरे हिसाब से, सिलेक्टर्स से कहां गलती हुई? उन्होंने इस सीरीज में भुवनेश्वर कुमार को खिलाकर गलती की। देखिए, इसमें कोई शक नहीं है कि भुवनेश्वर एक अच्छे बॉलर और सीनियर प्लेयर हैं। लेकिन, जब T20 वर्ल्ड कप पास नहीं है, तो उन्हें यहां खिलाना शक के घेरे में था। अगर आप भुवनेश्वर को 50 ओवर के वर्ल्ड कप के लिए तैयार कर रहे होते, जो पास है, तो यह बात समझ में आती।
तेज गेंदबाज रहा बदकिस्मत
पठान का मानना है कि भुवनेश्वर के चयन की वजह से युवा तेज गेंदबाज एक अहम अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने से चूक गए। पठान ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी केवल सीरीज में भुवनेश्वर के प्रदर्शन पर आधारित नहीं थी। उन्होंने माना कि यह सीनियर तेज गेंदबाज कभी-कभी बदकिस्मत भी रहे।
पठान ने आगे कहा, उन्हें इस सीरीज में शामिल करने से आप युवा तेज गेंदबाजों को मौका देने से चूक गए। उनकी जगह कोई युवा खिलाड़ी खेल सकता था और उसे एक अच्छा अनुभव मिल सकता था। मयंक सभी मैच खेल सकते थे और उन्हें वह अनुभव मिल सकता था और प्रिंस यादव भी खेल सकते थे। आपने अपने तेज गेंदबाजों के लिए न्यूजीलैंड की जमीन पर अच्छा अनुभव हासिल करने का एक बेहतरीन मौका गंवा दिया।
उन्होंने कहा, मैं ऐसा इसलिए नहीं कह रहा हूं कि भुवनेश्वर ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। बात ऐसी नहीं है। हालांकि, वह थोड़े बदकिस्मत रहे- उन्होंने अपने पहले दो ओवरों में अच्छी गेंदबाज़ी की, लेकिन बाद में, जब उन्होंने पावरप्ले का आखिरी ओवर डाला, तो उन्होंने रन लुटा दिए। ऐसा किसी भी खिलाड़ी के साथ हो सकता है। उनकी काबिलियत पर कोई सवाल ही नहीं है।
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