Nitish Rana ka bayan: नीतीश राणा की कप्तानी वाली कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम शुरुआती दौर में खराब प्रदर्शन के बाद करो या मरो वाली स्थिति में पहुंच गई है। उसके लिए प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए अपने बाकी के बचे सभी मैच में जीत दर्ज करने की स्थिति बन गई है। ऐसे में कोलकाता ने हैदराबाद के खिलाफ राजीव गांधी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मेजबान हैदराबाद को जीत के लिए 172 रन नहीं बनाने दिए और पांच रन के अंतर से मैच अपने नाम कर लिया। आखिरी ओवर में केकेआर की जीत के हीरो स्पिनर वरुण चक्रवर्ती बनें जिन्होंने 9 रन नहीं बनने दिए और अपनी टीम को जीत दिला दी। वरुण को उनके शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
शार्दुल और वैभव ने पलटा मैच
मैच में रोमांचक अंदाज में जीत हासिल करने के बाद केकेआर के कप्तान नीतीश राणा ने खुशी जताते हुए कहा, बीच में ऐसा लग रहा था कि मैच उनके पक्ष में चला जाएगा। कुछ ओवरों में हमने कुछ कमजोर गेंदें डालीं जो कि हमारे प्लान के मुताबिक नहीं था। वहां से हम गेम से काफी दूर होते गए। जैसा शार्दुल और वैभव वाले मैंने दो जोखिम उठाए थे। शार्दुल और वैभव ने जैसे ही मार्करम और क्लासेन को आउट किया वहां से शायद हम मैच में वापसी कर पाए।
मार्करम और क्लासेन के विकेट रहे टर्निंग प्वाइंट
मैच के टर्निंग प्वाइंट के बारे में चर्चा करते हुए केकेआर के कप्तान ने कहा, क्लासेन और मार्करम दोनों के विकेट हमारे लिए टर्निंग प्वाइंट थे। क्योंकि वो दोनों ऐसे बैट्समैन जो मैच को बदलने का माद्दा रखते हैं। स्कोर भी ज्यादा बड़ा नहीं था और ज्यादा रन रेट से बल्लेबाजी की जरूरत भी नहीं थी। अगर उन दोनों में से कोई भी एक अंत तक बैटिंग करता तो मैच हमारे हाथ से निकल जाता और परिणाम उनके पक्ष में हो जाता।
किसे गेंदबाजी दूं इस बात की थी असमंजस
आखिरी ओवर में किससे गेंदबाजी कराएं? इस बारे में नीतीश ने कहा, मैं पहले शार्दुल से गेंद करवाने वाला था। मैं उसके पास सलाह लेने गया तो मैंने पूछा कि किस स्पिनर के साथ जाऊं तो उसके बाद मैंने अपने बेस्ट बॉलर(वरुण चक्रवर्ती) पर भरोसा जताया और उसने मुझे दो प्वाइंट लेकर दिए।
बेस्ट बॉलर को देता हूं कठिन मौके
वरुण चक्रवर्ती से क्या उम्मीद रहती है? इसके जवाब में नीतीश ने कहा,मैं देखता हूं कि उस दिन कौन सा गेंदबाज बेहतर गेंदबाजी कर रहा है। वरुण, सुयश या कोई और। जो उस दिन का बेस्ट बॉलर होता है मेरी कोशिश होती है कि उसे कठिन परिस्थिति में गेंदबाजी दूं जिससे कि वो मेरे काम आ पाए।
