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Explainer: दादी की तरह टीम इंडिया को भी 'टपका' का डर, इंग्लैंड-जिम्बाब्वे T20I सीरीज बनीं इसकी गवाह

जिम्बाब्वे और भारत के बीच तीन मैच की टी20 सीरीज समाप्त हो गई है। आखिरकार श्रेयस अय्यर ने दो सीरीज गंवाने के बाद बतौर कप्तान अपनी पहली सीरीज जीती। टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 3-0 से जीत दर्ज करते हुए क्लीन स्वीप किया। इस सीरीज में जितनी चर्चा वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी और मयंक यादव की गेंदबाजी की रही। उतनी ही चर्चा भारत की खराब फील्डिंग की भी रही।

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टीम इंडिया के लिए कैच ड्रॉप बनी गंभीर समस्या।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। पुरानी लोककथा के अनुसार, बारिश के दिनों में छप्पर से टप, टप, टप करके पानी टपकता है और दादी को बाघ से नहीं 'टपका' से डर लगाता है, ठीक वैसे ही टीम इंडिया के लिए 'टपका' यानी खिलाड़ियों के कैच छोड़ने की आदत एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। इसकी बानगी हाल ही में समाप्त हुई, इंग्लैंड और जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में देखने को मिली।

जिम्बाब्वे और भारत के बीच तीन मैच की टी20 सीरीज समाप्त हो गई है। अगर इस सीरीज के पॉजिटिव इम्पैक्ट की बात करें तो बल्लेबाजी और गेंदबाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। सीरीज खत्म होने के बाद वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी और मयंक यादव की घातक गेंदबाजी की प्रशंसा होनी चाहिए, लेकिन भारत की खराब फील्डिंग पर भी चर्चा होना लाजमी है।

जिम्बाब्वे से बेहद खराब रही कैचिंग एफिशिएंसी

ऐसा इसलिए, क्योंकि पूरी सीरीज में अगर भारत की कैचिंग एफिशिएंसी (कैच लेने की दक्षता) देखें तो वह जिम्बाब्वे की टीम के आगे बेहद खराब स्थिति में रही। भारत ने पूरी सीरीज के दौरान कुल 18 कैच पकड़े और 10 कैच छोड़े। टीम इंडिया 64.2 प्रतिशत कैच पकड़ने में सफल रही। वहीं, जिम्बाब्वे ने पूरी सीरीज में 12 कैच पकड़े और मात्र एक कैच ड्रॉप किया। मेजबान टीम ने 92.3 प्रतिशत कैच लपके। इससे देखते हुए कहा जा सकता है कि भारत की फील्डिंग लचर रही।

एक बॉलर की गेंद पर छोड़े तीन कैच

वहीं, आखिरी टी20 मैच में टीम इंडिया ने कुल 5 कैच छोड़े, जिसमें यश ठाकुर की गेंद पर तीन कैच छूटे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, एक मैच में किसी एक भारतीय गेंदबाज की गेंद पर कैच छूटने के मामले में यह पांच अन्य मौकों के साथ संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा है। वहीं, एक टी20 मैच में भारतीय टीम द्वारा सबसे ज्यादा कैच छोड़ने का यह चौथा मामला है।

(उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक) T20I में भारत द्वारा सबसे ज्यादा कैच छोड़े गए-

6 बनाम श्रीलंका, मोहाली, 2009

5 बनाम इंग्लैंड, साउथेम्प्टन, 2022

5 बनाम बांग्लादेश, दुबई, 2025

5 बनाम जिम्बाब्वे, हरारे, 2026

इंग्लैंड के खिलाफ भी खराब फील्डिंग

इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टी20I सीरीज में भारतीय टीम ने 10 से ज्यादा कैच छोड़े थे। इस सीरीज में खराब फील्डिंग टीम इंडिया के लिए एक बहुत बड़ी कमजोरी साबित हुई, जिसके कारण भारत को इस बाइलेटरल सीरीज में 4-0 से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। पांचवें और आखिरी टी20 मैच में कुल तीन कैच छूटे थे, जिसमें हैरी ब्रूक का दो बार और एक बार जोस बटलर का कैच छूटा था।

अच्छी खबर की भारत ने किया कमबैक

हालांकि, इस सबके बावजूद भारत के लिए अच्छी खबर यह रही कि टीम ने कमबैक कर लिया। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली हार के बाद टीम दवाब में थी। श्रेयस की कप्तानी पर सवाल उठ रहे थे। वहीं, टीम बल्लेबाजी और गेंदबाजी पर भी लगातार हमले बोले जा रहे थे। कहते हैं ना कि गिर कर उठने वाले को ही बाजीगर कहते हैं।

श्रेयस ने बतौर कप्तान जीती पहली सीरीज

खैर, बतौर कप्तान श्रेयस अय्यर ने आखिरकार अपनी पहली टी20 सीरीज जीती। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ मिले गहरे जख्म को इस सीरीज ने हल्का सा भरने का काम जरूर किया होगा। जिम्बाब्वे के खिलाफ टीम इंडिया की 3-0 की जीत से मैनेजमेंट ने राहत की सांस जरूर ली होगी, लेकिन उसे अभी भी एक डिपार्टमेंट में सुधार करने की बहुत जरूरत है।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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