IPL 2023 Final Last Over: इंडियन प्रीमियर लीग 2023 के फाइनल मैच को लोग सालों तक याद रखने वाले हैं। पहले तो बारिश ने इस मैच को दो दिनों तक खींचा और फिर थोड़ी और बारिश ने इसे देर रात तक खींच दिया। अंत में वो नतीजा आया जिसका इंतजार करोड़ों चेन्नई सुपर किंग्स और धोनी फैंस लंबे समय से कर रहे थे। चेन्नई ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट (DLS) से शिकस्त देते हुए पांचवीं बार आईपीएल खिताब जीता और मुंबई इंडियंस के सर्वाधिक खिताबी रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इस फाइनल मुकाबले में अंतिम ओवर बेहद रोमांचक रहा, आइए जानते हैं कैसे जीती सीएसके।
खिताबी मुकाबले में चेन्नई ने टॉस जीतकर गुजरात को पहले बल्लेबाजी करने का न्योता दिया था। गुजरात की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए साई सुदर्शन के दम पर 214 रनों का विशाल स्कोर बनाने में सफल रही। इसके बाद बारिश हुई और मैच देर रात 12.10 पर दोबारा जब शुरू हुआ तो डीएलएस नियम के मुताबिक लक्ष्य बदल चुका था। अब चेन्नई को 15 ओवर में 171 रन बनाने थे जो जाहिर तौर पर बहुत मुश्किल काम था जब आप गुजरात टीम के घर में खेल रहे हों।
चेन्नई सुपर किंग्स की सलामी जोड़ी ने 74 रनों की ताबड़तोड़ साझेदारी करके टीम की उम्मीदें जगाईं लेकिन चार रन के अंदर दोनों ओपनर आउट भी हो गए। फिर शिवम दुबे ने अजिंक्य रहाणे (27) और कुछ देर तक अंबाती रायडू (19) के साथ स्कोर आगे बढ़ाया। बीच में धोनी भी शून्य पर आउट हो गए। धीरे-धीरे मैच अंतिम ओवर तक जा पहुंचा जहां पिच पर शिवम दुबे और रविन्द्र जडेजा पिच पर थे और 13 रन चाहिए थे। इसके आगे क्या हुआ, आइए जानते हैं..
फाइनल के आखिरी ओवर का पूरा हाल (गेंदबाज: मोहित शर्मा)
पहली गेंद - ऑफ स्टंप पर शानदार यॉर्कर गेंद। शॉट खेला लेकिन सीधे गेंदबाज के पास। कोई रन नहीं। अब 5 गेंदों में 13 रन चाहिए।
दूसरी गेंद - एक और शानदार गेंद, सीधे ब्लॉकहोल में। इस बार किसी तरह शिवम दुबे ने लॉन्ग ऑफ में गेंद खेली, एक रन लिया। अब 4 गेंदों में 12 रन।
तीसरी गेंद - मोहित शर्मा ने इस बार जडेजा को नीची फुल टॉस गेंद फेंकी, किसी तरह जडेजा ने लॉन्ग ऑन में खेलकर 1 रन लिया। अब 3 गेंदों में 11 रन चाहिए।
चौथी गेंद - ऑफ स्टंप पर एक और नीची फुल टॉस गेंद, फिर लॉन्ग ऑफ पर शिवम दुबे ने खेलकर 1 रन लिया। अब 2 गेंदों में 10 रन चाहिए।
पांचवीं गेंद - मोहित ने इस बार यॉर्कर का प्रयास किया लेकिन जडेजा ने शानदार अंदाज में इसे लॉन्ग ऑन दिशा में छक्के के लिए भेज दिया। अब 1 गेंद में 4 रन।
छठी गेंद - इस बार लेग साइड की तरफ नीची फुल टॉस गेंद फेंकी जिस पर जडेजा ने बल्ला शॉर्ट फाइन लेग की तरफ मोड़ते हुए वहां खड़े फील्डर को मौका तक नहीं दिया। फील्डर ने डाइव तो लगाई लेकिन गेंद गैप से होते हुए चौके के लिए निकल गई और चेन्नई सुपर किंग्स ने मैच व खिताब जीत लिया।
रविन्द्र जडेजा ने एक बार फिर साबित किया कि वो चेन्नई सुपर किंग्स के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक ही नहीं बल्कि इस समय भारत के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर्स में से भी एक हैं।
