IND vs PAK: बॉयकॉट मामले में नरम पड़ा आईसीसी, बांग्लादेश को लेकर किया बड़ा फैसला
- Authored by: समीर कुमार ठाकुर
- Updated Feb 9, 2026, 11:41 PM IST
आईसीसी ने बांग्लादेश और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ बैठक के बाद एक बड़ा बयान दिया है। इस बयान से साफ है कि 15 फरवरी को होने वाले भारत-पाकिस्तान मैच की बस औपचारिक घोषणा होनी बाकी है। इस पूरे विवाद में आईसीसी के तेवर नरम पड़ गए हैं।
बांग्लादेश क्रिकेट पर आईसीसी की प्रतिक्रिया (साभार-X)
आईसीसी की बांग्लादेश और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ बैठक एक पॉजिटिव नोट पर खत्म हुई है, जिसने इस बात की उम्मीद बढ़ा दी है कि 15 फरवरी को भारत-पाकिस्तान का मुकाबला पूर्व निर्धारित कोलंबो के एम-प्रेमदासा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। इस बैठक के बाद आईसीसी ने जो बयान जारी किया है कि उसके अनुसार उसके तेवर नरम पड़े हैं। आईसीसी ने साफ कर दिया है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर किसी प्रकार का जुर्माना नहीं लगाया जाएगा।
आईसीसी द्वारा जारी बयान के अनुसार 'इस बात पर सहमति बनी है कि मौजूदा मामले में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर कोई वित्तीय, खेल संबंधी या प्रशासनिक दंड नहीं लगाया जाएगा। इसके अलावा आईसीसी ने ये भी कहा कि अगर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को अभी भी कोई आपत्ति है तो वह विवाद समाधान समिति (Dispute Resolution Committee) से संपर्क कर सकती है। यह अधिकार आईसीसी के वर्तमान नियमों के तहत मौजूद है और बरकरार है। आईसीसी निष्पक्षता और न्यायसंगतता के सिद्धांतों पर भरोसा करता है जो दंड देने के बदले समाधान के पक्ष में ज्याद रहता है।
बांग्लादेश को मिलेगी मेजबानी
इसके अलावा आईसीसी ने यह भी तय किया कि बांग्लादेश को आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2031 से पहले किसी एक इवेंट की मेजबानी दी जाएगी। इस समझौते का मूल उद्देश्य खेल की गरिमा की रक्षा करना और क्रिकेट जगत में एकता बनाए रखना है। आईसीसी ने माना कि खेल का विकास सबसे ऊपर है और इसके लिए वह बीसीबी, पीसीबी और अन्य सदस्य देशों के साथ निरंतर बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या बोले आईसीसी सीईओ संजोग गुप्ता?
इस पूरे मसले पर आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता ने कहा 'आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप से बांग्लादेश का बाहर होना निराशाजनक है, लेकिन इससे बांग्लादेश के एक प्रमुख क्रिकेट राष्ट्र के रूप में आईसीसी की अटूट प्रतिबद्धता में कोई बदलाव नहीं आएगा। हमारा ध्यान बीसीबी सहित प्रमुख हितधारकों के साथ मिलकर काम करने पर केंद्रित है ताकि देश में क्रिकेट का सतत विकास सुनिश्चित हो सके। इस खेल के लिए बांग्लादेश क्रिकेट अगम है और इसे इन छोटी बाधाओं से परिभाषित नहीं किया जा सकता है।”
