नई दिल्ली: भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने शनिवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 45 गेंद में नाबाद 65 रन की पारी खेलने के बाद कहा कि वह बिना किसी दबाव के खेल रहे हैं। कोहली तीन मैचों की इस श्रृंखला में 302 रन के साथ सर्वोच्च स्कोरर रहे। पहले दो वनडे में शतक जड़ने के बाद तीसरे मैच में भी अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित करने के बाद उन्हें श्रृंखला का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
अपने प्रदर्शन पर है संतोष
भारत ने शनिवार को दक्षिण अफ्रीका को नौ विकेट से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला को 2-1 से जीता। कोहली ने मैच के बाद पुरस्कार समारोह में कहा,'ईमानदारी से कहूं तो इस श्रृंखला में मैं जिस तरह से खेला, वह मेरे लिए सबसे संतोषजनक बात है। मैं वास्तव में किसी तरह का दबाव महसूस नहीं कर रहा हूं। मैंने पिछले दो-तीन साल से इस तरह नहीं खेला है। मुझे पता है कि जब मैं इस तरह से बल्लेबाजी करता हूं तो यह टीम की बहुत मदद करता है। इससे मुझे आत्मविश्वास मिलता है कि मैं किसी भी स्थिति को संभालकर मैच का रूख टीम की ओर मोड़ सकता हूं।'
ऐसे हालात आते हैं जब होने लगता है संदेह
कोहली ने माना कि एक बल्लेबाज के रूप में अनुभव चाहे कितना भी हो लेकिन ऐसे हालात आते हैं जब मन में संदेह होने लगता है। उन्होंने कहा,'जब आप इतने लंबे समय तक खेलते हैं (15-16 साल) तो आप कई बार खुद पर संदेह करने लगते हैं। खासकर एक बल्लेबाज के रूप में जब एक गलती आपको आउट करा सकती है। यह एक खिलाड़ी के रूप में बेहतर होने की पूरी यात्रा है। यह आपको एक व्यक्ति के रूप में सुधारता है और यह स्वभाव को भी सुधारता है। मुझे खुशी है कि मैं अब भी टीम के लिए योगदान दे पा रहा हूं। जब मैं इस तरह से खुलकर खेलता हूं तो मुझे पता है कि मैं छक्के मार सकता हूं। ऐसी परिस्थिति में आप हमेशा आत्मविश्वास से भरे रहते हैं।'
रांची में जड़ा शतक था सबसे खास
कोहली ने कहा कि तीन पारियों में से रांची में बनाया गया शतक उनके लिए सबसे खास रहा। उन्होंने कहा,'रांची में पहला (शतक) खास रहा क्योंकि मैंने ऑस्ट्रेलिया के बाद कोई मैच नहीं खेला था। रांची मेरे लिए बहुत खास है और मैं बहुत आभारी हूं कि ये तीनों मैच ऐसे रहे।'
(भाषा)
