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आईपीएल डेब्यू में धमाल मचाने वाले प्रफुल्ल हिंगे की सफलता की कहानी, पिता की जुबानी

सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए आईपीएल डेब्यू में धमाल मचाने वाले प्रफुल्ल हिंगे की सफलता की कहानी उनके पिता प्रकाश ने सुनाई है। जानिए सफलता के शिखर पर पहुंचे प्रफुल्ल हिंगे?

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प्रफुल हिंगे (फोटो क्रेडिट IPL/BCCI)

नई दिल्ली/बेंगलुरु: प्रकाश हिंगे खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपने पदार्पण मैच में ही शानदार प्रदर्शन करने वाले उनके बेटे प्रफुल्ल की उपलब्धि का जश्न मनाते समय वह अपने शब्दों के चयन और उत्साह की अभिव्यक्ति में बहुत संयम बरतते हैं। दरअसल हिंगे परिवार को यह भी नहीं पता था कि उनका बेटा सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से सोमवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलेगा या नहीं।

बेटे को डेब्यू करते देख परिवार को हुई खुशी

अकाउंटेंट के पद पर काम कर चुके प्रकाश ने पीटीआई से कहा,'हमें पता था कि इम्पैक्ट प्लेयर्स की सूची में होने के कारण उसे पंजाब के खिलाफ खेलना था। हम उससे कभी नहीं पूछते कि वह खेल रहा है या नहीं। वह सोने से पहले हर दिन रात 10 बजे फोन करता है। हमारे बीच बस सामान्य बातचीत होती है जैसे खाना खाया।' उन्होंने कहा,'कल जब मैच का प्रसारण शुरू हुआ तो हमने टीवी पर देखा कि वह पदार्पण करेगा। इसलिए हम खुश थे।'

पहले दो ओवर में प्रफुल ने चटकाए 4 विकेट

मैच आगे बढ़ने के साथ उनकी खुशी भी बढ़ने लगी क्योंकि प्रफुल्ल ने अपने शुरुआती स्पेल में दो ओवर में छह रन देकर चार विकेट लिए और सनराइजर्स की 57 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। नागपुर के रहने वाले प्रकाश ने उस समय को याद किया जब उन्होंने अपने बेटे प्रफुल्ल की क्रिकेट में रुचि को देखते हुए उसे स्थानीय जिमखाना क्लब में दाखिला दिलाया था। तब वह लगभग 13 साल का था। प्रकाश ने कहा,'मैं अपने मोहल्ले की गलियों में खेलता था। मेरे बेटे को इसमें रुचि थी,इसलिए मैंने उसे एक स्थानीय अकादमी में दाखिला दिला दिया। मैंने उसे जरूर संतुलन बनाए रखने के लिए कहा लेकिन साथ ही मैं उसे अपना रास्ता चुनने की स्वतंत्रता भी देना चाहता था।'

विदर्भ की अंडर-16 टीम में चयन के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा

एक बार जब प्रफुल्ल विदर्भ की अंडर-16 टीम में शामिल हो गए,तो फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज प्रशांत वैद्य ने प्रफुल्ल को चेन्नई स्थित एमआरएफ पेस फाउंडेशन में भेजने की सलाह दी। प्रकाश ने कहा,'वीसीए के साथ रहे पूर्व भारतीय गेंदबाज प्रशांत वैद्य सर ने सुझाव दिया था कि प्रफुल्ल को एमआरएफ पेस अकादमी में विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेना चाहिए।'

पीठ की चोट से परेशान रहे प्रफुल्ल

प्रफुल्ल को इस बीच पीठ की चोट से भी जूझना पड़ा लेकिन जल्द ही वह फिट हो गए। एमआरएफ पेस फाउंडेशन के कोच एम सेंथिलनाथन और वरुण आरोन (जो अब सनराइजर्स के गेंदबाजी कोच हैं) ने उनकी प्रतिभा को निखारा। इसके बाद उन्होंने अंडर-23 और सीनियर विदर्भ टीम के साथ भी अच्छा प्रदर्शन किया। उनके पिता ने कहा,'मैं एमआरएफ पेस फाउंडेशन, सेंथिल सर, वरुण सर का जितना भी आभार व्यक्त करूं, वह कम होगा। अगर वह आईपीएल के इस मुकाम तक पहुंचा है, तो इसका श्रेय उन्हीं को जाता है। ग्लेन मैकग्रा ने भी प्रफुल्ल का हौसला बढ़ाया और वह हाई परफॉर्मेंस कोच से प्रशिक्षण लेने के लिए ब्रिस्बेन गया।'

एमआरएफ पेस फाउंडेशन में हुआ फिटनेस पर काम

जब सेंथिलनाथन से पूछा गया कि उन्होंने पेस फाउंडेशन के साथ प्रफुल्ल के सफर की योजना कैसे बनाई, तो उन्होंने कहा,'जब वह 2023 में हमारे पास आया तो उसकी पीठ में खिंचाव की समस्या थी और हमने सबसे पहले उसी का इलाज किया। उसकी लाइन और लेंथ बहुत अच्छी है। लेकिन इसका पूरा फायदा उठाने के लिए हमें उसकी फिटनेस पर काम करने की जरूरत थी।'इसके बाद हमने उसकी गेंदबाजी पर काम किया। यह छह महीने का कार्यक्रम था। हमने उसे 2023 के घरेलू सत्र के लिए फिट और तैयार किया। उसने अच्छा प्रदर्शन किया।'

मैक्ग्रा ने सिखाए गेंदबाजी के गुर

तमिलनाडु के इस पूर्व बल्लेबाज ने इसके लिए फाउंडेशन के कोचिंग निदेशक और ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज मैकग्रा को श्रेय दिया, जिन्होंने प्रफुल्ल की मदद की थी। उन्होंने कहा,'रणनीतिक पक्ष की बात करें तो मैकग्रा शायद दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं। उन्हें पता है कि किस लेंथ और किस लाइन पर गेंदबाजी करनी है। नई और पुरानी गेंदों का उपयोग कैसे करना है। सबसे महत्वपूर्ण बात बड़े मैच के दबाव को कैसे संभालना है। ये वो चीजें हैं जो मैकग्रा सिखाते हैं, जो निश्चित रूप से उसके लिए मददगार साबित होंगी।'

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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