MS Dhoni emotional video: दुनिया में कई कप्तान आए और गए लेकिन महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) का कोई जोड़ नहीं है। इस कप्तान ने अपने जीवन को जिस तरह बदला, फिर क्रिकेट की दुनिया में जिन सफलताओं को हासिल किया, वो सब दिखाता है कि माही जैसा कोई नहीं। लेकिन उनके पूरे करियर में उनकी एक बात ने लोगों का खूब दिल जीता और वो था मैदान में मजबूती से खड़े रहना, अपनी भावनाओं का खुद पर हावी ना होने देना, सफल होने के बाद तुरंत खुद को उससे अलग कर लेना, और इन्हीं सब के बीच एक पहलू ये भी था कि तमाम उतार-चढ़ाव के बीच कभी उनको भावुक होते नहीं देखा गया। पर इस बार ना जाने क्या हुआ कि आईपीएल 2023 (IPL 2023) का खिताब जीतने पर वो बहुत भावुक हो गए।
चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेला गया आईपीएल 2023 का फाइनल मैच एक रोमांचक मुकाबला रहा, जिसमें अंतिम गेंद पर जडेजा के चौके से सीएसके ने गजब की जीत दर्ज की और अहमदाबाद के मैदान में पीली जर्सी पहने फैंस और खिलाड़ी सभी झूम पड़े। वहीं एक ओर बेंच पर बैठे कप्तान धोनी अलग अंदाज में नजर आ रहे थे, अंतिम क्षणों में वो आंखें बंद करके सिर झुकाए बैठे थे। जब जीत मिली उसके बाद ही साथी खिलाड़ियों ने उनको उठाया।

MS Dhoni
इसके बाद जब जीत के हीरो रविन्द्र जडेजा (Ravindra Jadeja) मैदान में घूम-घूमकर साथी खिलाड़ियों के साथ दर्शकों के सामने जश्न मना रहे थे, तभी उनके सामने आते हैं धोनी। जडेजा को धोनी अचानक अपने हाथों से उठा लेते हैं जो नजारा पहले कभी नहीं देखा गया था, लेकिन उसके बाद जो दिखा वो और भी अद्भुत था। धोनी भावुक नजर आए। शुरुआत में इस वीडियो को सिर्फ कुछ एंगल से दिखाया गया लेकिन जब करीब से शूट हुआ इसका वीडियो सामने आया तो धोनी बेहद भावुक दिखे। हो सकता है ये वीडियो आपने देखा हो लेकिन जैसे-जैसे ये वीडियो लोगों तक पहुंच रहा है इसके वायरल होने की रफ्तार बढ़ती ही जा रही है।
देखिए धोनी के भावुक होने का वीडियो
हालांकि तुरंत उस पल के बाद धोनी के हाव-भाव फिर से सामान्य हो गए और ऐसा लगा ही नहीं कि चंद सेकेंड पहले वो भावुक हो गए थे। यही शायद उनकी मानसिक शक्ति है कि वो हर हालात के हिसाब से खुद को ढालने में जरा भी समय नहीं लगाते हैं।
उसके बाद जब ट्रॉफी उठाने की बारी आई तो उन्होंने अंबाती रायुडू और रविन्द्र जडेजा को मंच पर बुला लिया और बीसीसीआई अध्यक्ष और सचिव से उन दोनों को ट्रॉफी थमाने के लिए कहा। दरअसल, रायुडू संन्यास ले रहे थे और जडेजा मैच के हीरो थे इसलिए धोनी चाहते थे कि ट्रॉफी वही उठाएं। वैसे माही हमेशा से ही ऐसा करते आए हैं जब ट्रॉफी मिलते ही उसे टीम के किसी युवा खिलाड़ी या मैच के हीरो को थमाकर वो खुद सबसे किनारे हो जाते हैं। यही हैं महेंद्र सिंह धोनी, इसीलिए कहते हैं कि उनके जैसा कप्तान शायद ही कभी देखने को मिले।
