भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी दीप्ति शर्मा ने 24 सितंबर को लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में चार्ली डीन को नॉन-स्ट्राइकर एंड पर रनआउट कर दिया था। चार्ली गेंद फेंकने से पहले ही क्रीज से आगे निकल गई थीं, जो नियम के खिलाफ है। वह पवेलियन लौटने वाली आखिरी खिलाड़ी थीं। चार्ली का रनआउट तभी से बहस का एक बड़ा विषय बन गया है, जिसपर दुनियाभर के पूर्व क्रिकेटर्स और वर्तमान क्रिकेटर की राय बंटी हुई है। वहीं, टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने अब नॉन-स्ट्राइकर एंड पर रनआउट के पक्ष में बोलते हुए करार जवाब दिया है।
हार्दिक ने आईसीसी रिव्यू पॉडकास्ट के लेटेस्ट एपिसोड पर कहा कि अगर लोग खेल भावना को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित हैं तो नियमों को खत्म देना जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'क्योंकि आपने उदाहरण दिया है तो इसलिए हमें नॉन-स्ट्राइकर एंड पर रनआउट के विषय में बहस को बंद करने की आवश्यकता है। यह एक नियम है। बस इतनी सिंपल बात है। खेल भावना को लेकर ज्यादा फिक्रमंद ना हों। अगर इसकी चिंता है तो फिर नियमों को समाप्त कर दें। यह सीधा और सरल है। जिन्हें समस्या है, यह उनके लिए अच्छा है।'
आईसीसी टी20 विश्व कप 2022 में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले हार्दिक ने कहा कि अगर कोई गेंदबाज नॉन-स्ट्राइकर एंड पर रन आउट करता है तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई दिक्कत नहीं, क्योंकि इसमें गलती बल्लेबाज की है ना कि गेंदबाज की। उन्होंने कहा, 'व्यक्तिगत रूप से मुझे कोई समस्या नहीं है। अगर मैं क्रीज से बाहर जा रहा हूं और कोई मुझे रनआउट करता है तो मैं आउट हूं। यह मेरी गलती है, गेंदबाज की नहीं। यह फायदे के लिए नियमों का उपयोग करना है। बहुत सिंपल बात है। इसपर अब बहस बंद होनी चाहिए।'
