बहुत कम ऐसा मौका होता है जब खिलाड़ी बीच मैदान अपनी जीवटता का ऐसा उदाहरण पेश करते हैं कि फैंस दांतो तले उंगलियां दबा लेते हैं। ऐसा ही नजारा रणजी ट्राफी क्वार्टर फाइनल मैच के दौरान दिखा जब आंध्रप्रदेश के कप्तान हनुमा विहारी की कलाई में चोट लगी और उन्होंने अपनी टीम की भलाई के लिए बल्लेबाजी करना जारी रखा।
राइट हैंडर से लेफ्ट हैंडर बने हनुमा
मध्य प्रदेश और आंध्रप्रदेश के बीच होल्कर स्टेडियम में खेले जा रहे चौथे क्वार्टर फाइनल में यह नजारा देखने को मिला जब आंध्रप्रदेश की टीम 118वें ओवर में 9 विकेट गंवा चुकी थी तब रिटायर्ड हर्ट हो चुके हनुमा मैदान में पहुंचे और चोटिल कलाई के साथ बतौर लेफ्ट हैंडर बल्लेबाजी करनी शुरू कर दी। इतना ही नहीं चोट इतनी गहरी थी कि उन्हें एक हाथ से बल्लेबाजी करनी पड़ी।
उन्होंने एक हाथ से मध्यप्रदेश के तेज गेंदबाजों का सामना किया और अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण रन जोड़े। अब एक हाथ से बल्लेबाजी करते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फैंस विहारी की बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं।
मैच के पहले दिन हो गए थे चोटिल
क्वार्टर फाइनल मैच के पहले दिन हनुमा विहारी को बाएं हाथ की कलाई में चोट लगी थी और वह रिटायर्ड हर्ट हो गए थे, लेकिन दूसरे दिन टीम को जब उनकी जरुरत पड़ी तो बिना चोट की परवाह किए वह मैदान में उतर गए। हालांकि, वह अपनी टीम के लिए ज्यादा रन नहीं जोड़ पाए, लेकिन आखिरी विकेट के लिए 26 महत्वपूर्ण रन की साझेदारी कर अपनी टीम की कुछ हद तक वापसी करा दी।आखिरी विकेट के रूप में हनुमा विहारी को सारांश जैन ने एलबीडब्ल्यू आउट किया। उन्होंने 57 गेंद पर 27 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। मैच की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करते हुए आंध्रप्रदेश की टीम ने रिकी भुई के 149 और करण शिंदे की 110 रन की पारी के दम पर 379 रन बनाए। हनुमा की इस बहादुरी भरी बल्लेबाजी की तारीफ न केवल फैंस कर रहे हैं बल्कि दिनेश कार्तिक ने भी उनकी बल्लेबाजी की खूब तारीफ की।
