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सर्वश्रेष्ठ कोच और इंसान हैं गौतम गंभीर, भारत में ट्रोल हो रहे कोच को मिला विदेशी खिलाड़ी का साथ

जहां एक तरफ भारत में गंभीर की आलोचना हो रही है, वहीं अफगानिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज उनको लेकर अलग राय रखते हैं। उन्होंने गंभीर की जमकर तारीफ की और कहा कि उनके काम करने का तरीका मुझे बेहद पसंद है।

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गौतम गंभीर (साभार-BCCI)

पहले न्यूजीलैंड और अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर में क्लीन स्वीप झेलने के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल पर सवाल उठने लगे हैं। दूसरे मुकाबले में हार के बाद तो फैंस ने उनकी हूटिंग भी की थी, जिसका बीच-बचाव मोहम्मद सिराज और सिंताशु कोटक ने किया था। जहां एक तरफ भारत में गंभीर की कोचिंग पर फैंल दो खेमों में बंट गए हैं तो वहीं अफगानिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज जो कभी गंभीर के साथ केकेआर का हिस्सा थे, अलग राय रखते हैं। उन्होंने गंभीर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केकेआर के पूर्व मेंटोर गंभीर सर्वश्रेष्ठ कोच हैं और उनकी आलोचना से वह हैरान हैं। गंभीर के नेतृत्व में भारतीय टीम पिछले सात में से पांच टेस्ट गंवा चुकी है।

आईपीएल 2024 विजेता केकेआर टीम के सदस्य रहे गुरबाज ने कहा कि ‘गौतम सर’ की आलोचना सही नहीं है। यहां आईएलटी20 के चौथे सत्र से इतर पीटीआई को दिये इंटरव्यू में उन्होंने कहा ,‘‘ आपके देश के एक एक अरब 40 करोड़ लोगों में से 20 या 30 लाख उनके खिलाफ हो सकते हैं लेकिन बाकी गौतम सर और भारतीय टीम के साथ हैं। ’’ उन्होंने कहा ,‘‘ वह सर्वश्रेष्ठ कोच , मेंटोर और इंसान हैं । मुझे उनके काम करने का तरीका बहुत पसंद है।’’

गुरबाज ने गिनाए गंभीर की उपलब्धियां

गुरबाज ने कहा ,‘‘ भारत ने चैम्पियंस ट्रॉफी वनडे टूर्नामेंट जीता, टी20 में एशिया कप जीता । कई श्रृंखलायें जीती और सिर्फ एक श्रृंखला के लिये उन्हें दोषी नहीं ठहरा सकते।’’ गुरबाज ने कहा कि गंभीर की सबसे बड़ी ताकत केकेआर टीम में ऐसा माहौल बनाना थी जिसमे खिलाड़ी दबाव के बिना, अनुशासन और इत्मीनान से अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे।

पसंद है उनके काम करने का तरीका

उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे उनके काम करने का तरीका पसंद है। जब माहौल अच्छा होता है तो आप हमेशा शिखर पर होते हैं । उन्होंने हमारे लिये माहौल अच्छा रखा जिसमे कोई दबाव नहीं था । यही वजह है कि हमने टूर्नामेंट जीता । वह सख्त नहीं है लेकिन अनुशासित हैं । अनुशासन तोड़ने पर वह सख्त हो जाते हैं।’’

उन्होंने कहा कि खराब प्रदर्शन होने पर खिलाड़ियों को सहयोग की जरूरत है । उन्होंने कहा ,‘‘ एक क्रिकेटर होने के नाते मैं खिलाड़ियों को दोष नहीं दूंगा क्योंकि सभी मेहनत करते हैं । हार गए तो क्या हुआ। वे भी इंसान हैं। कई बार आप हारते हैं लेकिन जब हालात प्रतिकूल हों, तब सहयोग की जरूरत होती है।’’

Sameer Thakur
समीर कुमार ठाकुरauthor

समीर कुमार ठाकुर टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। करीब 10 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ वे न केवल क्रिकेट, बल्कि हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन और अन्य प्रमुख खेलों की गहरी समझ रखते हैं। खेलों की बारीकियों को पकड़ने, खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने और मैच परिस्थितियों को सरल व रोचक अंदाज में समझाने की उनकी क्षमता उन्हें स्पोर्ट्स बीट का एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है। जर्नलिज़्म में डिप्लोमा कर चुके समीर ने टीवी मीडिया में भी काम किया है, जिससे उन्हें लाइव न्यूज प्रेजेंटेशन, ब्रेकिंग अपडेट्स और विजुअल स्टोरीटेलिंग का अनुभव मिला। समीर अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्पोर्ट्स इंटरव्यू, ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग और मैच व सीरीज आधारित विश्लेषण शामिल हैं।

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