IPL Revenue Model: इंडियन प्रीमियर लीग 2025 का मेगा ऑक्शन समाप्त हो गया है। आईपीएल के इतिहास के सबसे महंगी नीलामी में सभी 10 टीमों ने मिलाकर कुल 639.15 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसमें कुल 182 खिलाड़ियों को खरीदा गया है। आईपीएल ऑक्शन में खर्चा करने के अलावा टीमों को कोचिंग स्टाफ से लेकर ट्रेवल तक कई और खर्चे करने पड़ते हैं। इस टूर्नामेंट में टीम खरीदना भी काफी मुश्किल का काम है और इसमें करोड़ों रुपए खर्च होते हैं। ऐसे में आखिर ये सवाल उठता है कि बड़े-बड़े बिजनैसमैन और अभिनेता आखिरकार इतना खर्चा क्यों करते हैं और उनकी कमाई का क्या तरीका है? हम आपको टीमों की कमाई के 5 बड़े स्त्रोत बता रहे हैं जिसके चलते मालिकों की जेब हमेशा भरी रहती है।
मीडिया राइट्स सबसे बड़ा सोर्स
आईपीएल की टीमों की कमाई का सबसे बड़ा जरिया मीडिया राइट्स ही है। आईपीएल 2025 में टीवी के राइट्स स्टार के पास है वहीं मोबाइल के जियो के पास है। आईपीएल काफी पॉपुलर है और मैच की जितनी डिमांड और व्यूवरशिप होती हो उसके हिसाब से ब्रॉडकास्टर द्वारा पैसे दिए जाते हैं। इसमें से कुछ हिस्सा बीसीसीआई के पास जाता है। वहीं बाकि पैसा टीमों के बीच बांट लिया जाता है। इसमें जो टीम टूर्नामेंट में ज्यादा मैच जीत जाती है उसे सीजन के अंत में ज्यादा पैसे मिलते हैं। वहीं कम मैच जीतने या खेलने वाली टीमों की कम कमाई होती है। इसमें टीम कितनी फेमस है वो भी निर्भर करता है।
जर्सी पर विज्ञापन
आईपीएल में हर फ्रेंचाइज की ट्रेनिंग से लेकर खेलने की जर्सी के साथ-साथ हेलमेट और ग्लव्स पर भी विज्ञापन छपे रहते हैं। इनके लिए टीमें अपनी पॉपुलेरिटी और डिमांड के हिसाब से करोड़ों रुपए चार्ज करती हैं। वहीं विज्ञापन की जगह के भी अलग-अलग पैसे होते हैं। ऐसे में ये उनकी कमाई का बड़ा सोर्स है।
टिकटों की बिक्री
आईपीएल में जब भी कोई फ्रेंचाइज अपने होम ग्राउंड पर मैच आयोजित करती है जो टिकटों की बिक्री से भी उसकी कमाई होती है। टीमों को हालांकि इसका कुछ हिस्सा उस राज्य के क्रिकेट एसोसिएशन को भी देना पड़ता है।
प्राइज मनी
आईपीएल जीतने पर टीमों को करोड़ों की राशि दी जाती है। इससे भी उनकी कमाई होती है। पिछले सीजन की विजेता को 32 करोड़ रुपए मिले थे। विजेता के अलावा उप-विजेता से लेकर नंबर 10 तक रहने वाली हर टीम को स्लैब के हिसाब से पैसे मिलते हैं।
मर्चेंडाइज
आईपीएल की ज्यादातर टीमों ने अपने अपने ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर खोल रखे हैं जिसमें वे अपनी जर्सी, प्रिंट वाला कप से लेकर जूते तक मिलते हैं। फैंस इसे खरीदने के लिए टीमों को पैसे देते हैं।
