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इंग्लैंड के खिलाफ महिला T20I सीरीज जीतने उतरेगी टीम इंडिया, मिडिल ऑर्डर से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

भारतीय टीम मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ मंगलवार को तीसरे और निर्णायक महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उतरेगी तो उसे दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष जैसी भरोसेमंद बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। इस महीने 12 जून से शुरू होने वाले महिला टी20 विश्व कप से पहले दोनों टीमें जीत के साथ अपना आत्मविश्वास बढ़ाना चाहेंगी।

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टीम इंडिया की महिला टीम तीसरे टी20 मैच से पहले। फोटो- BCCI

टांटन। भारतीय टीम मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ मंगलवार को तीसरे और निर्णायक महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उतरेगी तो उसे दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष जैसी भरोसेमंद बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी, ताकि टीम अपने मध्यक्रम की समस्याओं का समाधान तलाश सके। भारतीय टीम ने इस श्रृंखला का विजयी आगाज किया था, लेकिन इंग्लैंड ने दूसरा टी20 मुकाबला जीतकर शानदार वापसी की। इस महीने 12 जून से शुरू होने वाले महिला टी20 विश्व कप से पहले दोनों टीमें जीत के साथ अपना आत्मविश्वास बढ़ाना चाहेंगी।

भारतीय टीम के लिए यह सीरीज आगामी विश्व कप से पहले इंग्लैंड की परिस्थितियों में अपने सर्वश्रेष्ठ संयोजन को परखने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। चोट से वापसी कर रहीं यास्तिका भाटिया ने पहले टी20 में अर्धशतकीय पारी खेली थी, लेकिन दूसरे मैच में वह तेजी से रन बनाने में नाकाम रहीं और 33 रन के निजी स्कोर पर रिटायर्ड आउट हो गईं। जेमिमा रोड्रिग्स ने भी एक अर्धशतक लगाया, जबकि स्मृति मंधाना और आक्रामक सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने दूसरे मैच में अच्छी शुरुआत की थी।

आखिरी पांच ओवर में रन बनाना मुश्किल

दोनों ही मुकाबलों में भारतीय टीम अंतिम पांच ओवरों में अपनी लय बनाए रखने में असफल रही। विशेष रूप से बड़े शॉट खेलने के लिए जानी जाने वाली ऋचा घोष अभी तक अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सकी हैं। पहले मैच में यास्तिका और जेमिमा की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने सात विकेट पर 188 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था, जबकि 16वें से 20वें ओवर के बीच टीम केवल 40 रन ही जोड़ पाई थी।

दूसरे मैच में 169 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत एक समय एक विकेट पर 70 रन बनाकर मजबूत स्थिति में था, लेकिन अंतिम चरण में बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और 16वें से 20वें ओवर के दौरान टीम ने पांच विकेट गंवाकर सिर्फ 28 रन बनाए। ऋचा को छोड़ दें तो भारतीय टीम में लंबे छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की संख्या सीमित है। ऐसे में कप्तान हरमनप्रीत कौर को पारी के अंत तक टिककर बल्लेबाजी करनी होगी और टीम के स्कोर को 190 से 200 रन के आसपास पहुंचाने की जिम्मेदारी उठानी होगी। महिला क्रिकेट में यह स्कोर अधिकांश मौकों पर मैच जिताने वाला साबित होता है।

दूसरी ओर, इंग्लैंड की बल्लेबाजी भी चिंता का विषय रही है। दो मैचों में एमी जोन्स का 67 रन ही एकमात्र अर्धशतक रहा है। अन्य अनुभवी बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत तो की, लेकिन वे उसे बड़ी पारी में तब्दील करने और लंबे समय तक दबदबा बनाए रखने में सफल नहीं हो सकीं।

टीम इस प्रकार है।

भारत:- हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फूलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), नंदिनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, श्रेयंका पाटिल, राधा यादव।

इंग्लैंड:- एम ओर्लोट, टैमी ब्यूमोंट, लॉरेन बेल, एलिस कैप्सी, चार्ली डीन, सोफिया डंकले, सोफी एक्लेस्टोन, लॉरेन फिलर, एमी जोन्स, नैट साइवर-ब्रंट, पेज स्कोफील्ड, लिन्से स्मिथ, डैनी वाट हॉज, इसी वोंग।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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