लंदन: इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच गुरुवार से लॉर्ड्स में शुरू हुए तीन मैच की सीरीज के पहले मुकाबले में पहले दिन विकेटों की झड़ी लग गई। खराब रोशनी के कारण पहले दिन कुल 59 ओवर का खेल हुआ और 201 रन पर कुल 16 विकेट गिरे। टेस्ट के पहले दिन न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लैथम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। कीवी टीम के इस फैसले को तेज गेंदबाज काइल जैमीसन की अगुआई वाले पेस अटैक ने सही साबित कर दिखाया और इंग्लैंड का पूरी टीम 39.4 ओवर में 140 रन बनाकर ढेर हो गई। जैमिसन ने 62 रन देकर 5, नाथन एलिस ने 3 और विल ओ'रूर्के ने 2 विकेट लिए। इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा 56 रन की पारी हैरी ब्रूक ने खेली। वहीं 19 रन बने डकेट और 14 रन शोएब बशीर ने बनाए।
20 रन पर पवेलियन लौटी न्यूजीलैंड की आधी टीम
इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी कीवी टीम का हाल बेहाल हो गया। पारी के दूसरे ही ओवर में ओली रॉबिनसन ने तीसरी, पांचवें और छठी गेंद पर डेवोन कॉन्वे, केन विलियमसन और रचिन रविंद्र को पवेलियन लौटाकार न्यूजीलैंड को बैकफुट पर धकेल दिया। विकेटों की पतझड़ का ये सिलसिला यहीं नहीं रुका। सातवें ओवर में कप्तान टॉम लैथम गस एट्किंसन ने एलबीडब्लू कर दिया। वहीं दसवें ओवर की आखिरी गेंद पर डेरिल मिचेल की पारी का अंत रॉबिन्सन ने बोल्ड कर दिया। 20 रन पर 5 विकेट गंवाने के बाद कीवी टीम का हाल बेहाल हो गया। 13वें ओवर में छठा विकेट भी गंवा दिया। टॉम ब्लंडेल को जोश टंग ने बोल्ड करके इंग्लैंड को छठी सफलता दिलाई। इसके बाद दिन का खेल खत्म होने तक ग्लेन फिलिप्स और नेथन स्मिथ ने और कोई विकेट नहीं गिरने दिया। फिलिप्स 31 और स्मिथ 6 रन बनाकर खेल रहे हैं। इंग्लैंड के लिए ओली रॉबिन्सन ने 4 विकेट लिए। वहीं एक-एक विकेट गस एट्किंसन और जोस टंग के खाते में गया।
71 साल बाद न्यूजीलैंड का हाल हुआ बेहाल
पहली पारी में खराब बल्लेबाजी करने के बाद इंग्लैंड की टीम वापसी करने में सफल रही है। न्यूजीलैंड के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में दूसरी बार ऐसा हुआ है जब महज 20 रन के स्कोर पर 6 विकेट उसने गंवाए। इससे पहले साल 1955 में न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ पहले 6 विकेट 20 रन पर गंवा दिए।
