भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने रविवार को वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने वैभव को भारत के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई योग्यता के आधार पर अवसर देता है और उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को खारिज कर दिया कि सूर्यवंशी को जान बूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने वैभव के बारे में कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि वह भविष्य में अच्छा प्रदर्शन करेगा और अपनी अलग पहचान बनाएगा।
सूर्यवंशी बने सबसे युवा भारतीय
शनिवार को टीम के उप-कप्तान तिलक वर्मा ने जैसे ही वैभव को डेब्यू कैप सौंपी, उन्होंन सचिन तेंदुलकर के सबसे युवा भारतीय बनने का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन ने 1989 में 16 साल और 205 दिन की उम्र में अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था, जबकि सूर्यवंशी ने 15 साल और 99 दिन की उम्र में डेब्यू कर उनका रिकॉर्ड तोड़ दिया।
"वैभव सूर्यवंशी को उनके डेब्यू और इस अवसर के लिए बहुत-बहुत बधाई। बीसीसीआई किसी के साथ अन्याय नहीं करती; जो इसके हकदार होते हैं, उन्हें मौका मिलता है। सोशल मीडिया पर उनके डेब्यू पर काफी हंगामा मचा हुआ था, जिसमें दावा किया गया था कि उन्हें जान-बूझकर मौके नहीं दिए जा रहे हैं। फैंस इसके लिए कोच और कप्तान दोनों की आलोचना कर रहे थे। लेकिन ऐसा नहीं था। मैंने कुछ दिन पहले ही कहा था कि जब सही समय आएगा, तो उन्हें जरूर मौका मिलेगा, और कल उन्हें वह मौका मिल गया। मुझे विश्वास है कि वह भविष्य में अच्छा प्रदर्शन करेंगे और अपनी प्रतिभा को निखारेंगे।
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सूर्यवंशी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की छोटी लेकिन धमाकेदार शरुआत करते हुए दो छक्कों सहित 10 गेंदों में 14 रन बनाए। वह विल जैक्स की गेंद पर स्टंप आउट हो गए। वैभव और अभिषेक की नई सलामी जोड़ी ने टीम इंडिया को 50 रन की विस्फोटक शुरुआत दिलाई थी। दोनों ने केवल 29 गेंद में 50 रन जोड़ दिए थे। वो अलग बात है कि टीम इंडिया को इस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा और वैभव अपने डेब्यू को यादगार नहीं बना पाए।
