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Border Gavaskar Trophy: घरेलू मैदान पर बल्लेबाजी करना अब अधिक चुनौतीपूर्ण... सीरीज के आगाज से पहले स्टीव स्मिथ ने ऐसा क्यों कहा

IND vs AUS, Steve Smith Statement: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। सीरीज का पहला मुकाबला 22 नवंबर को खेला जाएगा। इस मुकाबले से पहले ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि घरेलू मैदान पर टेस्ट मैचों में बल्लेबाजी करना अब अधिक चुनौतीपूर्ण है।

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स्टीव स्मिथ। (फोटो- ICC Twitter)

Photo : Twitter

IND vs AUS, Steve Smith Statement: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के आगाज से पहले ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के शीर्ष बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि घरेलू मैदान पर टेस्ट मैचों में बल्लेबाजी करना अब अधिक चुनौतीपूर्ण है। भारत के खिलाफ 22 नवंबर से पर्थ में शुरू होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज से पहले स्टीव स्मिथ ने स्वीकार किया कि घरेलू मैदान पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं है। उन्होंने पिचों की बदलती प्रकृति का हवाला दिया।

2020/21 में चार मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हराने के बाद टेस्ट में बल्लेबाजी औसत 37.0 से घटकर 28.8 हो गया है। इसके अलावा, 2020/21 सीरीज तक ऑस्ट्रेलिया में प्रति विकेट औसत गेंदें 66.6 थीं और उसके बाद यह भी घटकर 52 हो गई हैं। भारत की यादगार श्रृंखला जीत से पहले ऑस्ट्रेलिया में प्रति टेस्ट औसत ओवर 347.1 था, और तब से यह घटकर 279.4 हो गया है।

स्मिथ ने सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड से बात करते हुए अपना आकलन दिया, "विकेट भी शायद तब बेहतर थे, इसलिए आपको आउट करने के लिए अच्छी गेंदें कम थीं। इसमें से बहुत कुछ बल्लेबाजों की गलती थी और उस समय मुझे लगा कि मैं बहुत ज्यादा गलतियां नहीं कर रहा हूं। मुझे लगता है कि मैंने पहले टेस्ट से पहले कहा था, वे मुझे आउट नहीं कर पाएंगे और यह सही साबित हुआ। शायद मुझे यह बात बार-बार कहने की जरूरत है और इस पर टिके रहने की कोशिश करनी चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा, "2000 के दशक की शुरुआत से लेकर 2018 के बीच विकेट बहुत अच्छे थे। ऑस्ट्रेलिया में वे गेंदबाजों से ज्यादा बल्लेबाजों के अनुकूल थे, और अब यह उल्टा हो गया है। विकेट और गेंदों पर घास होने के कारण, बल्लेबाज के लिए यह निश्चित रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण स्थिति है।"

दाएं हाथ के ठोस बल्लेबाज ने आगे कहा कि अगर आप अच्छा खेलते हैं तो आप रन बना सकते हैं। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि यह असंभव है लेकिन मुझे लगा कि उनके लिए मुझे आउट करने के लिए एक बहुत अच्छी गेंद फेंकना मुश्किल था। जबकि अब आपको लगता है कि हर बार एक ऐसी गेंद आती है जिस पर आपका नाम लिखा होता है और आप इसके बारे में कुछ नहीं कर सकते।

अनुभवी बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने भी कहा कि पिचों और कूकाबुरा की प्रकृति में बदलाव का मतलब है कि गेंदबाजों को टेस्ट और प्रथम श्रेणी के घरेलू खेलों में लाल गेंद को स्विंग करने के लिए ज्यादा प्रयास करने की जरूरत नहीं है।

(आईएएनएस)

Shekhar Jha
शेखर झाauthor

शेखर झा टाइम्स नाउ हिंदी (Timesnowhindi.com) की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। वे मूल रूप से बिहार के मिथिलांचल से हैं। मूल रूप से बिहार के मधुबनी के रहने वाले शेखर ने शौकिया तौर पर साल 2011 में पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। ये शौक वक्त के साथ जूनुन में बदल गया। उनके पास खेल पत्रकारिता का 12 साल का अनुभव है। क्रिकेट के अलावा टेनिस, कबड्डी और बैडमिंटन में खास रुचि है। खिलाड़ियों की बायोग्राफी पढ़ना उन्हें पसंद हैं। शेखर ने सुरेश रैना, संजय बांगड़, दीप्ति शर्मा, राधा यादव जैसे नामचीन भारतीय क्रिकेटरों सहित बैडमिंटन के स्टार भारतीय खिलाड़ियों लक्ष्य सेन, सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। शेखर की प्रारंभिक शिक्षा बिहार में हुई। बिहार बोर्ड से 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद वो आगे की पढ़ाई के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे जहां उनका पत्रकारिता से पहला परिचय हुआ। रायपुर के अग्रसेन कॉलेज में ग्रेजुएशन करते हुए पत्रकारिता का काम शुरू किया और इसके बाद रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्धालय से पत्राकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और बतौर प्रोफेशनल अपने करियर की शुरुआत की। शेखर ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत साल 2011 में ईटीवी छत्तीसगढ़/मध्यप्रदेश के साथ की। इस संस्थान में 6 महीने काम करने के बाद उन्होंने स्थानीय अखबार नेशनल लुक के साथ प्रिंट मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका समूह के छत्तीसगढ़ संस्करण से जुड़े और वहां तीन साल तक बतौर सब-एडिटर/रिपोर्टर सेवाएं दीं। इसके बाद भारत के सबसे बड़े प्रिंट मीडिया समूह दैनिक भास्कर के डीबी स्टार में रिपोर्टर की भूमिका अदा की और कई बड़े खुलासे स्थानीय स्तर पर किए। इसके बाद अपमे गृह राज्य बिहार की राजधानी पटना में दैनिक जागरण समूह के आईनेक्स्ट वेंचर से जुड़े। 8 महीने के छोटे कार्यकाल के बाद दैनिक भास्कर के रायपुर संस्करण में बतौर रिपोर्टर वापसी हुई। रायपुर में दूसरी पारी के तीन साल के कार्यकाल के सफल निर्वहन के बाद मैनेजमेंट ने भास्कर के भोपाल स्थित नेशनल न्यूजरूम में ट्रांसफर कर दिया। जहां 17 महीने स्पोर्ट्स डेस्क पर बड़े इवेंट्स पर काम किया। इस दौरान इंडियन प्रीमियर लीग, टोक्यो ओलंपिक जैसे बड़े खेल आयोजन का व्यापक कवरेज किया। भास्कर के नेशनल न्यूज रूम में डिजिटल जर्नलिज्म का ककहरा सीखने के बाद फरवरी,2023 में टाइम्स ग्रुप के साथ जुड़ने का मौका मिला। तब से वह टाइम्स नाउ नवभारत की हिंदी वेबसाइट की स्पोर्ट्स डेस्क पर बतौर प्रिंसिपल कॉरस्पान्डन्ट कार्यरत हैं। इस दौरान शेखर ने इंडियन प्रीमियर लीग, आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 को कवर किया।

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