Scott Boland Challenge: ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड का मानना है कि वह इस बार इंग्लैंड के बल्लेबाजों की किसी भी रणनीति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 2023 की एशेज सीरीज में इंग्लैंड की ‘बाज़बॉल’ रणनीति ने उन पर लगातार आक्रामक खेल दिखाया था, लेकिन अब वह अपनी गेंदबाजी को और निखरा हुआ मानते हैं।
रिकॉर्ड तोड़ औसत और करियर की खास उपलब्धियां
पिछली एक सदी में टेस्ट क्रिकेट में 50 से अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों में बोलैंड का गेंदबाजी औसत सबसे कम है। हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ जमैका टेस्ट में उन्होंने हैट्रिक लेकर अपना औसत 16.53 कर लिया, जिससे वह सर्वकालिक सूची में छठे स्थान पर पहुंच गए। अपने डेब्यू एशेज सीरीज में, जब ‘बैज़बॉल’ का दौर शुरू नहीं हुआ था, बोलैंड ने 9.55 के औसत से 18 विकेट झटके थे। लेकिन 2023 की एशेज में, ब्रेंडन मैकुलम के कोच बनने के बाद, वह केवल दो टेस्ट में 115.50 के औसत से दो ही विकेट ले पाए।
टीम में जगह को लेकर अनिश्चितता
एशेज सीरीज में अब 100 दिन बचे हैं, लेकिन बोलैंड को यह नहीं पता कि उन्हें कितने मैचों में खेलने का मौका मिलेगा। यदि पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड सभी फिट रहते हैं, तो बोलैंड टीम चयन में पीछे हो जाते हैं। इसके बावजूद, 36 वर्षीय यह तेज गेंदबाज आश्वस्त हैं कि वह हर परिस्थिति में तैयार रहेंगे।
बोलैंड ने मेलबर्न में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि “मैंने 2023 के बाद इस पर काफी सोचा है। मुझे लगता है कि इंग्लैंड में कई बार मैंने अच्छी गेंदबाजी की, बस विकेट नहीं मिले। अब मैं पहले से बेहतर गेंदबाज हूं और अपने घरेलू हालात में खेलूंगा, जिन्हें मैं अच्छी तरह जानता हूं।”
ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर ‘बाज़बॉल’ को रोकने का भरोसा
बोलैंड का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया की पिचें इंग्लैंड से अलग होंगी और पिछले चार सीजनों की तरह अगर वे गेंदबाजों के अनुकूल रहीं, तो ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी यूनिट इंग्लैंड की आक्रामक रणनीति को दबा सकती है। उन्होंने आगे कहा कि -“वे आक्रामक खेलेंगे। अगर विकेट पिछले कुछ सालों जैसे रहे, तो हम हर समय मैच में बने रहेंगे।” बोलैंड ने यह भी जोड़ा कि इंग्लैंड में कभी-कभी गेंदबाजों को मदद मिलती है, लेकिन ज्यादातर पिचें सपाट रही हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया में पिछले तीन-चार सालों से विकेट गेंदबाजों के अनुकूल रहे हैं।
