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डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो ने रचा इतिहास, 52 साल बाद फीफा नॉकआउट में पहली बार बनाई जगह

फीफा वर्ल्ड कप में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो ने नॉकआउट स्टेज में जगह बनाकर इतिहास रच दिया। कांगो ने 52 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप में अपना पहला मुकाबला जीता और पहली बार नॉकआउट स्टेज में जगह बनाई। कांगो ने मौजूदा फीफा वर्ल्ड कप में उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराकर यादगार जीत दर्ज की।

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कांगो ने नॉकआउट स्टेज में बनाई जगह। फोटो- AP

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो ने अटलांटा में उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराकर यादगार वापसी की। इस जीत के साथ उन्होंने न सिर्फ FIFA वर्ल्ड कप मैच में अपनी पहली जीत दर्ज की। बल्कि टूर्नामेंट के नॉकआउट राउंड में भी ऐतिहासिक जगह बनाई। कांगो ने 52 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप में वापसी करते हुए यादगार प्रदर्शन किया।

योआने विसा के दो गोल और फिस्टन मायेले के एक गोल की बदौलत कांगो ने एक गोल से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की और उज्बेकिस्तान को करारी शिकस्त दी। उज्बेकिस्तान पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है और FIFA वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप K में सबसे नीचे रहने के बाद घर लौट गया।

1974 में खेला था पहला वर्ल्ड कप

कांगो 1974 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में खेल रहा था। उस समय इस देश को जैरे के नाम से जाना जाता था और यह टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने वाला पहला सब-सहारा अफ्रीकी देश बना था। अब कांगो भी कोलंबिया और पुर्तगाल की तरह नॉकआउट दौर में पहुंच गया है।

उज्बेकिस्तान ने शानदार शुरुआत की। कप्तान एल्डोर शोमुरोदोव ने सिर्फ 20 सेकंड में गोल कर टीम को बढ़त दिलाने की कोशिश की। हालांकि, रिव्यू के बाद गोल को ऑफसाइड करार दिया गया। इस झटके से उज्बेकिस्तान टीम का हौसला नहीं टूटा और आखिरकार 10वें मिनट में उन्होंने पहला गोल किया।

लेपर्ड्स ने मचाया धमाल

'लेपर्ड्स' के नाम से जानी जाने वाली कांगो की टीम ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और पहले हाफ के बीच में नथानिएल म्बुकु के शानदार लॉन्ग-रेंज शॉट से बराबरी की कोशिश की, लेकिन VAR रिव्यू के बाद, रेफरी फेलिक्स ज्वायर ने बिल्ड-अप के दौरान फाउल के कारण गोल को अमान्य कर दिया।

हाफटाइम के बाद अफ्रीकी टीम ज्यादा आक्रमक होकर मैदान पर उतरी। उनकी लगातार कोशिशों का फल उन्हें एक घंटे के खेल के ठीक पहले मिला, जब उज़्बेकिस्तान के डिफेंडर अब्दुकोदिर खुसानोव ने पेनल्टी एरिया के अंदर योआने विसा को गिरा दिया। विसा ने आत्मविश्वास के साथ स्पॉट-किक को गोल में बदलकर अपनी टीम को बराबरी दिलाई।

कप्तान विसा ने दागे दो गोल

इसके बाद 78वें मिनट में सब्स्टिट्यूट खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल दिखाया। मेशक एलिया के प्रयास में डिफ्लेक्शन हुआ और फिर फिस्टन मायेले ने चालाकी से गेंद को नेट में पहुंचा दिया, जिससे कांगो 2-1 से आगे हो गया।

उज्बेकिस्तान की वापसी की उम्मीद तब खत्म हो गई जब विसा ने फिर से गोल किया। फॉरवर्ड खिलाड़ी ने पेनल्टी एरिया के किनारे से शानदार शॉट लगाकर अपना दूसरा गोल किया और टीम की 3-1 से यादगार जीत पक्की कर दी। मैच खत्म होने की सीटी बजते ही जश्न का माहौल बन गया और कांगो ने देश के फुटबॉल इतिहास की एक यादगार रात का जश्न मनाया। कांगो का नॉकआउट में पहला मुकाबला इंग्लैंड से होगा।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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