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BWF World Championship 2025: टूट गई पीवी सिंधू के विश्व चैंपियनशिप में छठे पदक की उम्मीद,ध्रुव-तनिषा की जोड़ी भी हुई बाहर

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू का वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 में सफर क्वार्टर फाइनल में थम गया। वहीं ध्रुव-तनिषा की मिक्स्ड डबल्स जोड़ी भी भारत के लिए इस वर्ग का पहला पदक जीतने से चूक गई।

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पीवी सिंधू (फोटो क्रेडिट BAI Media X)

पेरिस: दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू का विश्व चैंपियनशिप में छठा पदक जीतने का सपना शुक्रवार को इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वर्दानी से तीन गेम तक चले कड़े क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हारने से टूट गया। सिंधू 2019 की विश्व चैंपियन हैं। इस प्रतियोगिता में पांच बार की पदक विजेता सिंधू रिकॉर्ड छठे पोडियम स्थान पर पहुंचने की उम्मीद कर रही थीं। लेकिन ‘फिनिशिंग लाइन’ पर लड़खड़ा गईं और 64 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में नौवीं वरीयता प्राप्त वर्दानी से 14-21, 21-13, 16-21 से हार गईं।

इससे पहले ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो की भारतीय मिश्रित युगल जोड़ी चेन तांग जी और तोह ई वेई की मलेशियाई जोड़ी से सीधे गेम में हारकर बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप से बाहर हो गई। इससे भारतीय जोड़ी के इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत के लिए पहला मिश्रित युगल पदक जीतने की उम्मीद भी टूट गई। उन्हें दुनिया की चौथे नंबर की जोड़ी से 37 मिनट में 15-21, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा।

हैदराबाद की 30 वर्षीय सिंधू ने 2013 में ग्वांग्झू में अपना पहला पदक जीता था। एक साल बाद उन्होंने कोपेनहेगन में एक और कांस्य पदक अपने नाम किया। फिर ग्लासगो (2017) और नानजिंग (2018) में उपविजेता रहीं तथा 2019 में बासेल में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। लगातार ओलंपिक (रियो 2016 में रजत और टोक्यो 2020 में कांस्य) में पदक जीतने वाली एकमात्र भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी सिंधू 2022 राष्ट्रमंडल खेलों का खिताब जीतने के बाद से मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। चोटों, रैंकिंग में गिरावट और लगातार कोचिंग बदलावों ने पेरिस ओलंपिक की तैयारी में उनकी लय को बिगाड़ दिया है जहां उनका सपना तीसरा ओलंपिक पदक जीतना है।

वर्दानी के खिलाफ इस मैच से पहले उनका रिकॉर्ड 2-2 की बराबरी पर था। सिंधू को अंक हासिल करने में काफी संघर्ष करना पड़ा। 23 वर्षीय इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने मुश्किल क्षणों में संयम दिखाया और अपना पहला विश्व चैंपियनशिप पदक पक्का किया। वर्दानी ने शुरुआती गेम में एंगल और स्मैश का इस्तेमाल करके सिंधू पर दबाव बनाया। भारतीय खिलाड़ी की कई गलतियों के कारण इंडोनेशियाई खिलाड़ी ब्रेक तक 11-7 से आगे थीं। वर्दानी फिर 18-9 से आगे हो गईं क्योंकि सिंधू के शॉट बार-बार बाहर जाते रहे और मलेशियाई खिलाड़ी ने पहला गेम 21-14 से जीत लिया।

सिंधू ने दूसरे गेम में वापसी करते हुए नेट प्ले मजबूत किया और 4-2 से आगे हो गई। फिर ब्रेक के बाद वह 16-6 की बढ़त बनाए थीं और वर्दानी पिछड़ती जा रही थीं। सिंधू ने क्रॉस-कोर्ट पर धमाकेदार विनर लगाते हुए गेम 21-13 से जीतकर शानदार अंदाज में बराबरी हासिल की। निर्णायक गेम में सिंधू 0-3 से पीछे थीं। लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए स्कोर 3-3 से बराबर किया। वर्दानी 5-4 से आगे हो गईं। इसके बाद 59 शॉट की एक रोमांचक रैली हुई जिसमें सिंधू ने अंक हासिल किया। भारतीय खिलाड़ी ने 7-7 से स्कोर बराबर कर दिया। पर इंडोनेशियाई खिलाड़ी ब्रेक तक दो अंक से आगे रहने में सफल रहीं। इसके बाद वर्दानी ने बढ़त 15-11 कर ली। सिंधू ने संघर्ष जारी रखा। पर वह अपनी गलतियों से गेम गंवा बैठीं।

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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