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221 दिन कोमा, 11 साल मौत से फाइट... मैच के दौरान घायल हुए 33 वर्षीय दिग्गज मुक्केबाज प्रिचर्ड कोलोन का निधन

Prichard Colon Dealth News: बॉक्सिंग की दुनिया को कभी ना भुला पाने वाला दर्द मिला है। एक मैच के दौरान हुई ब्रेन इंजरी से 11 साल संघर्ष करने के बाद दिग्गज मुक्केबाज प्रिचर्ड कोलोन का निधन हो गया है। उनके पिता ने इस दुखद खबर से अवगत कराया।

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मुक्केबाज प्रिचर्ड कोलोन का निधन (X/WBO)

Prichard Colon Death: खेल की दुनिया में कब कैसी परिस्थिति बन जाए, किसी को पता नहीं होता। कई दर्दनाक घटनाओं का इतिहास गवाह रह चुका है। क्रिकेट की पिच पर फिलिप ह्यूज की मौत से लेकर मोटरस्पोर्ट लेजेंड माइकल शूमाकर की छुट्टियों के दौरान स्कीइंग के दौरान करियर खत्म करने वाली दुर्घटना। ऐसे कई वाकये हैं जो खेल प्रेमियों को सदा के लिए दर्द दे गए। ऐसी ही एक घटना फिर सामने आई है। दिमाग में चोट लगने के कारण 221 दिनों तक कोमा में रहने के 11 साल बाद, प्रोफेशनल बॉक्सर प्रिचर्ड कोलोन का 33 साल की उम्र में निधन हो गया है।

बॉक्सिंग मैच के दौरान हुई थी घटना

एक फाइट के दौरान प्रिचर्ड कोलोन को उनके प्रतिद्वंद्वी टेरेल विलियम्स ने सिर के पिछले हिस्से में कई बार मुक्के मारे थे। प्यूर्टो रिको के रहने वाले कोलोन ने मैच के ज़्यादातर हिस्से में दबदबा बनाए रखा, लेकिन डिसक्वालिफिकेशन के कारण वे हार गए। विलियम्स से हारने से पहले उनका रिकॉर्ड 15-0 का था और वे अजेय थे। कोलोन के पिता रिचर्ड ने गुरुवार (13 अगस्त) को फेसबुक पर लिखा, "गुड मॉर्निंग, मेरे लोगों। मुझे आपको यह बताते हुए दुख हो रहा है कि मेरे बेटे प्रिचर्ड का निधन हो गया है। अब वह एक बेहतर दुनिया में है।"

उन्होंने आगे कहा, "मैंने उसकी इच्छा पूरी करने की हर मुमकिन कोशिश की - उसे प्यूर्टो रिको में छुट्टियां मनाने ले जाने का उसका सपना, जैसा वह चाहता था - लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सका। इतने सालों के प्यार और दुआओं के लिए धन्यवाद। जितना हो सके, कृपया हमें अपनी दुआओं में याद रखें।"

वर्ल्ड बॉक्सिंग ऑर्गनाइज़ेशन ने X पर लिखा, "आखिरी दम तक एक योद्धा। WBO परिवार प्रिचर्ड कोलोन के निधन पर शोक व्यक्त करता है, जिनका साहस, ताकत और लड़ने का जज़्बा रिंग से कहीं आगे तक गया। उनकी सबसे बड़ी लड़ाई हिम्मत और उनके परिवार के अटूट प्यार की मिसाल बन गई। शांति से सोएं, चैंपियन।"

कोलोन ने मैच रेफरी से की थी शिकायत

उस मैच के दौरान कोलोन ने रेफरी से गैर-कानूनी पंचों के बारे में शिकायत की थी, लेकिन मैच जारी रहा। मैच के बाद उन्हें ड्रेसिंग रूम तक ले जाया गया, जहां वे गिर पड़े। कोलोन 221 दिनों के बाद कोमा से बाहर आए, लेकिन 10 साल से ज़्यादा समय तक वे 'वेजिटेटिव स्टेट' (बिना किसी होश-ओ-हवास के जीवित रहने की स्थिति) में रहे।

उस मुकाबले में प्रिचर्ड के विरोधी बॉक्सर विलियम्स ने 2019 में संन्यास लेने से पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि कोलन के साथ जो हुआ, उसके लिए वह खुद को दोषी नहीं मानते। उन्होंने कहा, "मैं हर दिन प्रिचर्ड के लिए प्रार्थना करता हूं। यह कभी नहीं बदलेगा। मैं उनके लिए शांति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं। कोई नहीं चाहता कि प्रिचर्ड के साथ जो हुआ, वह किसी और के साथ हो... मैं कभी भी जानबूझकर किसी को इस तरह नुकसान नहीं पहुंचाऊंगा। मैं खुद पर कोई दोष नहीं मढ़ता। मैंने इसके बारे में प्रार्थना की है। मैं उस युवा व्यक्ति के लिए सच में अच्छा चाहता हूं।"

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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