नागोया: भारतीय वुशू खिलाड़ी रोशिबिना देवी नाओरेम ने इंडोनेशिया की थानिया कुसुमानिंगतियास को हराकर एशियाई खेलों में महिलाओं के 60 किलो वर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। रोशिबिना ने आइची प्रांत मार्शल आर्ट हॉल में यह मुकाबला 2-0 से जीता। अब उनका सामना चीन की शियाओयू झांग से होगा। रोशिबिना ने पिछले दो एशियाई खेलों में एक रजत और एक कांस्य पदक जीता है। उन्हें दिव्यांशी चौधरी के चोट के कारण बाहर होने के बाद टीम में शामिल किया गया था।
कौन हैं रोशिबिना देवी नाओरेम?
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में 30 दिसंबर 2000 को जन्मी रोशिबिना देवी वुशू के सांडा वर्ग में भारत की प्रमुख खिलाड़ी हैं। उन्होंने साल 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में महिलाओं के 60 किग्रा सांडा वर्ग में पाकिस्तान की मुबाशरा अख्तर को क्वार्टरफाइनल में हराकर कांस्य पदक पक्का किया था, लेकिन इसके बाद वो सेमीफाइनल में चीन की काई यिंगयिंग से हार गईं। साल 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में रोशिबिना फाइनल तक पहुंचने में सफल हुईं और अपने पदक का रंग तब्दील करने में सफल रहीं। फाइनल में उन्हें चीन की वू शियाओवेई के खिलाफ हार मिली थी। उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें साल 2023 में भारत सरकार ने अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था।
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स्वर्णिम सफलता पर है इस बार नजर, चीन में जीता था सिल्वर
अब आइचा-नागोई में चल रहे 20वें एशियाई खेलों में रोशिबिना ने फाइनल में पहुंचकर अपना सिल्वर मेडल पक्का कर लिया है। उन्होंने प्री-क्वार्टरफाइनल में बांग्लादेश की शिका खातून को, क्वार्टरफाइनल में चू मैन सिन को 5-0 और सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की थानिया कुसुमानिंगत्यास को 2-0 से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की। अब उनकी नजर एक बार फिर मेडल का रंग बदलकर स्वर्णिम इतिहास रचने पर हैं।
(डेवलपिंग स्टोरी)
