अध्यात्म

क्यों खास है विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने वाला शिवलिंग, जानिए क्या है इसकी ऊंचाई और वजन

Large Shivling in Virat Ramayan Mandir: बिहार के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर में 33 फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित होने जा रहे है। खास बात यह है कि इस शिवलिंग का वजन 2 लाख 10 हजार किलो है। इसके साथ ही यह शिवलिंग कई अन्य खूबियों से भी भरपूर है। आइए जानते हैं कि इस शिवलिंग की खासियत क्या है।

बिहार का सबसे बड़ा शिवलिंग

बिहार का सबसे बड़ा शिवलिंग

Large Shivling in Virat Ramayan Mandir: बिहार के चंपारण में बन रहे विराट रामायण मंदिर में एक बेहद ही खास और विशाल शिवलिंग स्थापित होने वाला है। बीते 21 नवंबर को शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से बिहार के लिए एक ट्रक पर रवाना हो चुका है। यह ट्रक 96 पहियों का है, जो 5 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से 2300 किलोमीटर का सफर तय करेगा।

कितनी है शिवलिंग की ऊंचाई

बिहार के विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने वाले शिवलिंग की ऊंचाई 33 फीट है। इसके साथ ही इसका वजन करीब 2 लाख 10 हजार किलो यानी 210 टन है। यह तमिलनाडु के महाबलीपुरम से करीब 2316 किलोमीटर दूर बिहार के जानकीनगर में 96 टायर वाले ट्रक से लाया जा रहा है।

बेहद खास है यह शिवलिंग

बिहार में बन रहा विराट रामायण मंदिर बेहद खास है। यह रामायण काल की सारी कहानियों को दिखाएगा। इसमें स्थापित होने वाला यह शिवलिंग ग्रेनाइट के एक पत्थर से ही बनाया गया है। इस विशाल शिवलिंग को मंत्रोच्चार के साथ ट्रक ट्रॉलर के जरिए बिहार के लिए रवाना किया गया है। ये ट्रक तमिलनाडु से आंध्रप्रदेश, झारखंड और ओडिशा होता हुआ बिहार पहुंचेगा। आइए जानते हैं कि इस शिवलिंग की क्या खासियत है।

क्या हैं खासियतें?

यह शिवलिंग 33 फीट ऊंचा है और इसका वजन 2 लाख 10 हजार किलो है। इसे एक ही पत्थर से तरासा गया है। इस शिवलिंग को बनाने में विनायक वेंकटरण कंपनी ने 10 साल का समय लिया। इसको बनने में 3 करोड़ रुपये आया है। इसको बिहार तक आने में 40 से60 दिन का समय लग सकता है। 2026 के जनवरी या फरवरी की शुभ तिथि में इसको मंदिर परिसर में स्थापित किया जाएगा।

शिवलिंग में भी बने हैं कई शिवलिंग

इस शिवलिंग की खास बात यह है कि इसके निचले हिस्से में 1008 छोटे-छोटे शिवलिंग बने हुए हैं। इसको लाने वाला ट्रक 5 किमी की रफ्तार से चल रहा है।

विराट रामायण मंदिर की क्या है खासियत

यह शिवलिंग पूर्वी चंपारण के चकिया-केसरीया रोड पर बन रहे विराट रामायण मंदिर में स्थापित होगा। मंदिर 123 एकड़ में फैला है, जो 1,080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा। इसमें 22 गर्भगृह, 18 शिखर और मुख्य शिखर 270 फीट ऊंचा होगा। मंदिर की दीवारों पर रामायण की पूरी घटनाएं उकेरी जाएंगी, जो आंग्कोर वाट (कंबोडिया), रामनाथस्वामी मंदिर (रामेश्वरम) और मीनाक्षी मंदिर (मदुरै) से प्रेरित है। महावीर मंदिर ट्रस्ट, पटना द्वारा बनाया जा रहा यह मंदिर 500 करोड़ रुपये की लागत से 2025 के अंत तक पूरा हो जाएगा। जनवरी 2026 के अंत या फरवरी में शुभ मुहूर्त पर शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा होगी।

क्यों हो रही है शिवलिंग की चर्चा?

अयोध्या राम मंदिर के बाद विराट रामायण मंदिर बिहार का नया धार्मिक पर्यटन केंद्र बनेगा। यह शिवलिंग मंदिर की शोभा बढ़ाएगा और रामायण की भव्यता को नई ऊंचाई देगा। आचार्य किशोर कुणाल की महत्वाकांक्षी परियोजना से लाखों श्रद्धालु आकर्षित होंगे। यह एक ही पत्थर से बना होना इसे अनोखा बनाता है।

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Mohit Tiwari
Mohit Tiwari Author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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