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Vishwakarma Day 2024 Date And Time: दिवाली के बाद विश्वकर्मा पूजा का पर्व कब मनाया जाएगा? नोट कर लें सही तारीख

Diwali Vishwakarma Day 2024 (विश्वकर्मा डे कब है): विश्वकर्मा पूजा का दिन साल में दो बार आता है। एक बार 16 से 18 सितंबर के बीच में ये पर्व मनाया जाता है तो वहीं दूसरी बार दिवाली के बाद ये पर्व पड़ता है। चलिए आपको बताते हैं दिवाली 2024 के बाद वाली विश्वकर्मा पूजा कब है।

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Vishwakarma Day After Diwali 2024

Diwali Vishwakarma Day 2024 (विश्वकर्मा डे कब है): दिवाली के दूसरे दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को कई लोग गोवर्धन पूजा के साथ विश्वकर्मा पूजा भी करते हैं। ये पूजा शिल्पकार और श्रमिक वर्ग के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस दिन श्रद्धालु भगवान विश्वकर्मा से अपने व्यापार में उन्नति की कामना करते हैं। बता दें सनातन धर्म में विश्वकर्मा भगवान को यांत्रिक विज्ञान का जनक कहा जाता है। इसलि विश्वकर्मा पूजा के शुभ अवसर पर मजदूर, कारीगर, मिस्त्री, शिल्पकार अपनी मशीनों और औजारों की साफ-सफाई करके उनकी पूजा करते हैं। चलिए आपको बताते हैं दिवाली के बाद विश्वकर्मा पूजा कब है।

Vishwakarma Day 2024 Date (विश्वकर्मा पूजा कब है 2024)

दिवाली के बाद विश्वकर्मा पूजा का त्योहार 2 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। विश्वकर्मा पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06:34 से सुबह 08:46 बजे तक रहेगा।

Vishwakarma Puja Ke Din Kya Karte Hain (विश्वकर्मा पूजा के दिन क्या करते हैं)

विश्वकर्मा पूजा के दिन शिल्पकार व श्रमिक वर्ग के लोग भगवान विश्वकर्मा का पूजन करते हैं और व्यापार-व्यवसाय में उन्नति की कामना करते हैं। साथ ही अपने घर- व्यवसाय के विकास की कामना से दीपक जलाते हैं।

Vishwakarma Puja vidhi (विश्वकर्मा पूजा विधि)

भगवान विश्वकर्मा पूजा के लिए सुबह का समय सबसे शुभ माना जाता है। इसलिए सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत होकर साफ वस्त्र पहन लें। इसके बाद एक चौकी पर भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। फिर विधि विधान पूजा करके विश्वकर्मा भगवान और साथ ही मशीनों को माला पहनाएं। इसके बाद सभी मशीन और औजार पर रक्षा सूत्र बांधा जाता है। फिर भगवान को मिठाई का भोग लगाया जाता है। अंत में विश्वकर्मा जी की आरती की जाती है। पूजा के बाद सभी में प्रसाद बांट दिया जाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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