Rahu Grah Mantra: काल की चाल को जो बदल दे वो मंत्र बताया गया है श्री बटुक भैरव जी का मंत्र। मंगल, शनि, राहु, केतु तक ग्रह दोष पीड़ा इस एक मंत्र से दूर हो जाती है। भगवान शिव को समर्पित इस मंत्र को यदि निश्चित अवधि और जप संख्या के साथ नियम पूर्वक किया जाए तो ग्रह दोष पीड़ा दूर हो सकती है और किस्मत भी जाग सकती है। यदि जन्म कुंडली में राहु−केतु दोष हैं। जीवन की तरक्की को रोक रहे हैं तो जल्द से जल्द श्री बटुक भैरव जी मंत्र का जाप आरंभ कर देना चाहिए। बटुक भैरव की पूजा और साधना से राहु दोष के कारण बने कोर्ट कचहरी समेत अन्य मानसिक पीड़ा देने वाले विवाद स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं।
श्री बटुक भैरव जी के मंत्र:
ऊं ह्नीं वंवं बटुकाय आपदुद्धारणाय। कुरु− कुरु बटुकाय हृी ऊं नमः शिवाय।।
ऊं नमो भगवते श्री बटुकभैरवाय परकृतयंत्रमंत्रतंत्र त्राटकादि नाशकाय भूत− जिंद− प्रेत− पिशाच− डाकिनी− शाकिनी मसानादिकृत दोषध्वंस काय श्री बटुकाय नमो हुं फट् स्वाहा।
मंत्र जाप के नियम:
श्री बटुक भैरवजी के मंत्र का जाप तीन मास तक प्रतिदिन 11 माला करना चाहिए। मंत्र जाप के साथ रविवार और मंगलवार को भैरव मंदिर में दीपदान करें। पूरी तरह से सात्विक जीवन व्यतीत करें। यदि आपके घर के आस पास भैरव मंदिर न हो तो भगवान शिव के समक्ष दीपदान कर सकते हैं। क्योंकि बटुक भैरव की उत्पत्ति भगवान शिव द्वारा बतायी गयी है। ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए मांस− शराब आदि का सेवन न करें। यदि संभव हो और शरीर साथ दे तो दिन में एक समय ही भाेजन करें और जमीन पर सोएं।
इस नियम को तितिक्षा कहते हैं। जितना अधिक अपनी इंद्रियों पर संयम रखेंगे प्रारब्ध दोष के कारण बना ग्रह दोष शांत होगा। यदि प्रतिदिन व्रत का पालन नहीं कर सकते तो प्रत्येक रविवार को व्रत रखें। प्रतिदिन कुत्तों को भाेजन डालें। ध्यान रखें कुत्ते गली के होने चाहिए। कुत्तों को प्रताड़ित भूल से भी न करें। श्री बटुक भैरव मंत्र से दुश्मनों का शमन होता है।
बटुक भैरव मंत्र के साधक के जीवन के सभी क्लेष स्वतः नष्ट हो जाते हैं। यदि शीघ्र फल चाहते हैं तो पक्षियों को दाना और गायों को हरा चारा भी प्रतिदिन खिलाने की आदत डाल लें। ध्यान रहे कि राहु ग्रह दोष शांति की पूजा नहीं जाती है तो व्यक्ति को नशे तक कि लत लग जाती है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
