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Surya Grahan 2022 Sutak Timings:साल के आखिरी सूर्य ग्रहण का सूतक कब से कब तक रहेगा, जानिए

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 25, 2022, 09:18 AM IST

Surya Grahan (Solar Eclipse) 2022 Sutak Date and Time in Delhi, Noida, Lucknow, Ghaziabad, Bihar: साल 2022 का आखिरी सूर्य ग्रहण दिवाली के अगले दिन यानी 25 अक्टूबर को लग रहा है। सूर्य ग्रहण से लगभग 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। इस दौरान किसी भी प्रकार का शुभ कार्य मान्य नहीं होता है। जानिए कब से शुरू होगा सूतक काल।

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Surya Grahan 2022

KEY HIGHLIGHTS
  • सूर्य ग्रहण 25 अक्टूबर को लग रहा है।
  • सूर्य ग्रहण में सूतक काल मान्य होगा।
  • सूतक काल सूर्यग्रहण से 12 घंटे पहले शुरू होता है।

Surya Grahan 2022 Sutak Date and Time: साल 2022 का आखिरी सूर्यग्रहण (Surya Grahan 2022) दिवाली के एक दिन बाद यानी 25 अक्टूबर को लगने जा रहा है। ये एक आंशिक सूर्य ग्रहण है जो भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा। चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है तो सूर्य ग्रहण लग जाता है।। इस अवस्था में चांद सूर्य के प्रकाश को पूरी तरह या आंशिक रूप से ढक लेता है। सूर्य ग्रहण में सूतक काल का विशेष महत्व होता है। मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण पर किसी भी प्रकार के शुभ कार्य वर्जित हैं।

सूर्य ग्रहण 25 अक्टूबर को शाम 4 बजकर 28 मिनट से शुरू होकर शाम 5 बजकर 30 मिनट तक (Surya Grahan Timings) रहेगा। भारत में ये सूर्य ग्रहण दिख रहा है, इस कारण इस ग्रहण का सूतक काल भी मान्य रहेगा। सूतक काल सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है। इस सूर्य ग्रहण दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ समेत देश के ज्यादातर हिस्सों में सूतक काल (Surya grahan sutak ka samay) 25 अक्टूबर को सुबह 03:17 शुरू होकर शाम 05:42 बजे तक रहेगा। गौरतलब है कि सूतक काल में मंदिर को कपाट बंद हो जाते हैं। ऐसे में इस समय पूजा-पाठ करना भी वर्जित माना गया है। इसके अलावा इस दौरान कुछ खाना-पीना भी मना होता है।

सूतक काल में क्या न करें (Surya Grahan sutak do's and dont's)

सूतक काल के दौरान घर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें। खासकर पूजा स्थल को गंगाजल से साफ करें। इस समयावधि में भोजन पकाना या खाना भी वर्जित बताया गया है। यदि आपने खाना बना लिया है तो उसमें तुलसी के पत्ते डाल दें। सूर्य ग्रहण के समय सोना नहीं चाहिए, इससे सोने वाला व्यक्ति रोगी हो जाता है। ग्रहण के काल में अपने ईष्ट देवता का ध्यान और उनके मंत्र का जप सर्वश्रेष्ठ है। इसके अलावा सूर्य देवता के मंत्र का जाप करें। ग्रहण के बाद अन्न का दान करना पुण्य प्रदान कर सकता है। सूतक काल समाप्त हो जाए तो घर को साफ करें।

सूर्य ग्रहण को चश्मा के बिना नहीं देखना चाहिए। सूर्य ग्रहण देखने के लिए स्पेशल तरह के चश्मे आते हैं। आप इनका प्रयोग कर सकते हैं। सूर्य ग्रहण को सुरक्षित तकनीक या तो एल्युमिनेटेड मायलर या टेलिस्कोप द्वारा सफेद बोर्ड पर सूर्य की इमेज को प्रोजेक्‍ट करके उचित फिल्टर के जरिए देखा जा सकता है।

शिवम पांडे
शिवम पांडेauthor

शिवम् पांडे सिनेमा के आलावा राजनीति, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सम्बन्धों में खास रुचि है। पत्रकारिता में लगभग सात साल का अनुभव रखने वाले शिवम् पांडे बॉलीवुड की बारीकियों को समझते हैं। उसे नए अंदाज में पेश करने का माद्दा रखते हैं।

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