Skandamata Aarti Lyrics In Hindi ( Navratri Fifth Day): आज शारदीय नवरात्रि का इस दिन माता स्कंदमाता की पूजा का विधान है। माता रानी हमेशा सिंह पर सवार रहती हैं। इनकी गोद में छह मुखों वाले स्कंदकुमार होते हैं। इनकी पूजा करने से आप अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। स्कंदमाता की पूजा करने से संतान सुख की भी प्राप्ति होती है। मैया को पीला रंग बेहद ही प्रिय है इसलिए इस दिन पीले रंग का वस्त्र धारण करके पूजा करनी चाहिए। इस दिन स्ंकदमाता की आरती करने से शुभ फल की प्राप्ति होगी। यहां देखें स्कंदमाता आरती लिरिक्स हिंदी में।
स्कंदमाता आरती लिरिक्स ( Skandamata Aarti Lyrics In Hindi)
जय तेरी हो स्कंदमाता।
पांचवां नाम तुम्हारा आता।
सब के मन की जानन हारी।
जग जननी सब की महतारी।
तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं।
हर दम तुम्हें ध्याता रहूं मैं।
कई नामों से तुझे पुकारा।
मुझे एक है तेरा सहारा।
कहीं पहाड़ों पर है डेरा।
कई शहरो में तेरा बसेरा।
हर मंदिर में तेरे नजारे।
गुण गाए तेरे भक्त प्यारे।
भक्ति अपनी मुझे दिला दो।
शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो।
इंद्र आदि देवता मिल सारे।
करे पुकार तुम्हारे द्वारे।
दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए।
तुम ही खंडा हाथ उठाएं
दास को सदा बचाने आईं
'चमन' की आस पुराने आई।
मां स्कंदमाता मंत्र ( Skandmata Mantra)
महाबले महोत्साहे। महाभय विनाशिनी। त्राहिमाम स्कन्दमाते। शत्रुनाम भयवर्धिनि।।
ओम देवी स्कन्दमातायै नमः॥
