अध्यात्म

Radhashtami 2026: राधारानी के जन्मोत्सव पर बरसाना में सजेगा भक्ति का दरबार, जानें लाडली जी मंदिर में पूजा का मुहूर्त

Radhashtami 2026: राधाष्टमी 2026 पर बरसाना में राधारानी के जन्मोत्सव की धूम रहेगी। श्री राधा रानी मंदिर यानी लाडली जी मंदिर में मध्याह्न पूजा और दर्शन का विशेष समय रहेगा। जानें कितने बजे होंगे राधा रानी के दर्शन।

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राधाअष्टमी पर राधा रानी के दर्शन का समय (Photo - Pinterest)

Radhashtami 2026: आज 18 सितंबर 2026 को राधाष्टमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। ब्रजभूमि में इस अवसर पर उत्सव का रंग देखते ही बनता है, लेकिन बरसाना में राधारानी के जन्मोत्सव की छटा कुछ अलग ही नजर आती है। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु लाडली जी के दर्शन और राधारानी के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए यहां पहुंचते हैं। राधा रानी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और श्रृंगार के साथ मध्याह्न काल में जन्मोत्सव से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। यदि आप राधाअष्टमी पर बरसाना जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको दर्शन और पूजन का सही समय (Radhashtami Puja Muhurat) जान लेना चाहिए।

राधाष्टमी पर बरसाना के दर्शन का महत्व

ब्रज की धार्मिक परंपरा में बरसाना को राधारानी की नगरी के रूप में विशेष स्थान प्राप्त है। मान्यता है कि यहीं राधारानी का प्राकट्य हुआ था। इसी वजह से राधाष्टमी के दिन बरसाना की गलियां राधे-राधे के जयकारों से गूंज उठती हैं। मंदिरों में भजन-कीर्तन और विशेष पूजा के बीच पूरा नगर भक्तिमय नजर आता है।

राधा रानी मंदिर में पूजन का समय

राधाष्टमी पर बरसाना के प्रसिद्ध श्री राधा रानी मंदिर, जिसे भक्त लाडली जी मंदिर भी कहते हैं, यहां मध्याह्न पूजा का विशेष महत्व है। इस साल मुख्य पूजा और दर्शन का शुभ समय सुबह 11:01 बजे से दोपहर 1:28 बजे तक बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार राधारानी का प्राकट्य मध्याह्न काल में हुआ था। इसलिए राधाष्टमी के दिन इस अवधि में राधारानी की पूजा, दर्शन और जन्मोत्सव से जुड़े अनुष्ठानों को विशेष महत्व दिया जाता है। इस दौरान लाडली जी का विशेष श्रृंगार और तरह-तरह के भोग भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहते हैं।

राधा रानी के दर्शन का उत्साह

राधाष्टमी के दिन बरसाना में श्रद्धालुओं की चहल-पहल सुबह से ही बढ़ जाती है। लाडली जी मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर राधारानी के जयकारे और भक्ति गीत सुनाई देते हैं। मंदिर में विशेष श्रृंगार के दर्शन के लिए भक्त लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते हैं। जो श्रद्धालु पहली बार बरसाना पहुंच रहे हैं, उनके लिए राधाष्टमी का उत्सव केवल मंदिर दर्शन तक सीमित नहीं रहता। बरसाना की प्राचीन गलियों, मंदिरों और ब्रज की धार्मिक परंपराओं को करीब से देखने का अवसर भी इस यात्रा को खास बना देता है।

मान मंदिर के दर्शन

बरसाना का मान मंदिर भी राधाष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहता है। यहां राधा-कृष्ण से जुड़ी ब्रज परंपराओं और धार्मिक कथाओं की विशेष झलक देखने को मिलती है। पर्व के दौरान भजन, कीर्तन और पूजा-अर्चना का आयोजन भक्तों को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराता है।

राधारानी की पूजा विधि

राधाष्टमी पर घर में भी श्रद्धापूर्वक राधा-कृष्ण की पूजा की जा सकती है। सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा स्थल पर दीपक जलाएं। राधा-कृष्ण की प्रतिमा या तस्वीर के सामने पुष्प, फल, मिष्ठान और श्रृंगार सामग्री अर्पित करें। इसके बाद राधारानी का ध्यान करते हुए उनके मंत्र का जाप और राधा-कृष्ण के भजन करें। यदि संभव हो तो मध्याह्न काल में पूजा करना शुभ माना जाता है। बरसाना जाने वाले श्रद्धालु 11:01 बजे से 1:28 बजे के मुख्य पूजा-दर्शन समय को ध्यान में रखकर अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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