अध्यात्म

Sita Navami Vrat Katha 2024: सीता नवमी क्यों मनाई जाती है, जानिए इसकी पौराणिक कथा

Sita Navami Katha: हिंदू पंचांग अनुसार हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता नवमी पर्व मनाया जाता है। धार्मिक ग्रंथों अनुसार माता सीता इसी दिन पर पुष्य नक्षत्र में अवतरित हुई थीं। यहां आप जानेंगे सीता नवमी की कथा।

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Sita Navami Katha

Sita Navami Katha (सीता नवमी कथा): इस साल सीता नवमी 16 मई को मनाई जा रही है। मान्यताओँ अनुसार जो व्यक्ति इस दिन सच्चे मन से मां का उपासना करता है उसके सारे दुख दूर हो जाते हैं। इस दिन भगवान राम की भी पूजा होती है। इस साल सीता नवमी 16 मई की सुबह 12 बजकर 18 मिनट से 17 मई की सुबह 8 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। सीता नवमी का त्योहार भारत ही नहीं बल्कि नेपाल में भी धूमधाम से मनाया जाता है। यहां जानिए सीता नवमी की पावन कथा।

सीता नवमी मुहूर्त (Sita Navami Muhurat 2024)

सीता नवमी मध्याह्न मुहूर्त - 10:56 AM से 01:39 PM

सीता नवमी मध्याह्न का क्षण - 12:18 PM

सीता नवमी की कथा (Sita Navami Katha)

कहते हैं मिथिला में एक बार बहुत समय से बारिश नहीं हुई थी जिस वजह से यहां के राजा समेत पूरी प्रजा परेशान थी। राजा जनक ने ऋषियों से इस समस्‍या का हल पूछा तो उन्‍होंने कहा कि अगर राजा स्‍वयं जाकर खेत में हल चलाएं, तो राज्‍य में वर्षा होने लगेगी। राजा जनक ने ऋषियों के कहने पर हल चलाना शुरू कर दिया। जब वह हल चला रहे थे तो उनका हल अचानक से एक कलश से टकरा गया। इस कलश में एक नवजात कन्‍या थी। स्‍वयं राजा जनक की कोई संतान नहीं थी इसलिए उन्‍होंने उस कन्या को अपनी पुत्री के रूप में स्‍वीकार कर लिया। राजा जनक ने अपनी पुत्री का नाम सीता रखा। कहा जाता है कि जिस दिन राजा जनक को माता सीता मिली थी उस दिन वैशाख माह के शुक्‍ल पक्ष की नवमी तिथि थी, इसलिए ही इसी दिन को सीता नवमी के रूप में मनाया जाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्मा author

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करि... और देखें

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