Chandra Darshan 2025: ज्योतिष के अनुसार जहां सूर्य आत्मा और पिता का कारक होता है, वहीं चंद्रमा मन और माता का कारक माना गया है। साल में कई ऐसे पर्व आते हैं जिसमें चंद्र देवता की पूजा के बाद ही पूर्ण होते हैं। अब कल एक ऐसी खगोलीय घटना होने वाली है, जब रात लंबी और दिन छोटा होगा। साथ ही कल चंद्र दर्शन का महत्व होगा। यहां से आप इसके बारे में जानें।
कितने घंटे का होगा दिन और रात?
21 दिसंबर को दिन की अवधि 10 घंटे 19 मिनट की होगी. वहीं रात 13 घंटे 41 मिनट की होगी। यह साल की सबसे लंबी रात होगी। दिन और रात में 3 घंटे 22 मिनट का अंतर रहेगा।
कितने बजे होगा चंद्र दर्शन?
20 दिसंबर को अमावस्या है और अमावस्या के अलग दिन चंद्र दर्शन का काफी ज्यादा महत्व होता है। ऐसे में पंचांग के अनुसार, 21 दिसंबर 2025 को चंद्र दर्शन का समय सायंकाल 05:29 से 06:24 बजे है। यानी कि चंद्र दर्शन के लिए तकरीबन 55 मिनट का समय मिलेगा।
कैसे किया जाता है चंद्र दर्शन?
अमावस्या के अगले दिन शाम को सूर्यास्त के 30–60 मिनट बाद पश्चिम दिशा में देखें। चंद्रमा के दर्शन करें। ॐ सोमाय नमः मंत्र का 3 से 11 बार जाप करें। चांद को देखते हुए थोड़े जल में चावल और फूल डालकर अर्पण कर सकते हैं।
अमावस्या के बाद चंद्र दर्शन का महत्व
अमावस्या तिथि के बाद के चांद को देखना शुभ माना जाता है। चंद्रमा मन का कारक माना गया है। उसके दर्शन से मन को शांति, तनाव कम और भावनात्मक संतुलन बढ़ता है। चंद्र दर्शन से देव कृपा और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने की मान्यता है। जिनकी कुंडली में चंद्र दोष होता है, उनके लिए चंद्र दर्शन और भी लाभकारी माना जाता है।
