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Shivratri 2025 Puja Vidhi, Muhurat: आज रखा जाएगा शिवरात्रि व्रत, जान लें इसकी पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त

Shivratri 2025 Puja Vidhi, Muhurat: आज मासिक शिवरात्रि है। इस दिन कई श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान शिव की विधि विधान पूजा करते हैं। चलिए आपको बताते हैं मासिक शिवरात्रि की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

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Shivratri 2025 Puja Vidhi, Muhurat

Shivratri 2025 Puja Vidhi, Muhurat: शिव और शक्ति के संगम का पावन पर्व है शिवरात्रि। जो कृष्ण पक्ष के 14वें दिन मनाया जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखकर महादेव की पूजा-अर्चना करते हैं। शास्त्रों में ऐसा बताया गया है कि इस व्रत को रखने से जीवन की हर परेशानी दूर हो जाती है। साल में कुल 12 या 13 शिवरात्रि पड़ती हैं। जिनमें फाल्गुन कृष्ण पक्ष की महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2025) सबसे खास मान जाती है। जो इस बार 26 फरवरी को मनाई जाएगी। चलिए आपको बताते हैं मासिक शिवरात्रि की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

शिवरात्रि 2025 तिथि व मुहूर्त (Shivratri 2025 Date And Time)

2025 का पहला मासिक शिवरात्रि व्रत 27 जनवरी 2025 को रखा जा रहा है। शिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त देर रात 12 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 1 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। वहीं शिवरात्रि तिथि 27 जनवरी की रात 8 बजकर 34 मिनट से शुरू होकर 28 जनवरी की रात 7 बजकर 35 मिनट तक रहेगी।

मासिक शिवरात्रि पूजा विधि (Masik Shivratri Puja Vidhi)

  • मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और उनके परिवार की पूजा करें।
  • सबसे पहले जल, घी, दूध, शक़्कर, शहद, दही आदि से शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें।
  • फिर शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा और श्रीफल चढ़ाएं।
  • फिर भगवान शंकर और माता पार्वती की धूप, दीप, फल और फूल से पूजा करें।
  • इस दिन पूजा के समय शिव पुराण, शिव स्तुति, शिव अष्टक और शिव चालीसा का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है।
  • शिवरात्रि की व्रत कथा पढ़ें और शिव की आरती कर पूजा संपन्न करें।
  • शाम में आप फलहार कर सकते हैं। लेकिन इस दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को अन्न ग्रहण नही करना चाहिए।
  • फिर अगले दिन भगवान शिव की पूजा करके दान आदि करने के बाद अपना उपवास खोल सकते हैं।

मासिक शिवरात्रि का महत्व (Masik Shivratri Ka Mahatva)

सनातन धर्म में मासिक शिवरात्रि का व्रत बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है। कहते हैं इस उपवास को रखने से सभी मनोमनाएं पूरी होती हैं। साथ ही हर मुश्किल कार्य आसान हो जाता है। जिन लोगों के विवाह में रुकावटें आ रही हों उनके लिए भी ये व्रत फलदायी बताया जाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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