अध्यात्म

नव दुर्गा के 9 नाम मंत्र क्या हैं? नवरात्रि में करें इन 9 मंत्रों का जाप, बनेंगे हर बिगड़े काम

Maa Durga 9 Naam: नवरात्रि के 9 दिन मां दुर्गा की पूजा और उपासना के दिन होते है। पौराणिक मान्यता के अनुसार नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी दुर्गा की पूजा-आराधना का विधान है। नवरात्र के दौरान नव दुर्गा के इन बीज मंत्रों की प्रतिदिन की देवी के दिनों के अनुसार मंत्र जाप करने से मनोरथ सिद्धि होती है।

Image

नव दुर्गा के 9 नाम मंत्र (pic credit: canva)

Maa Durga 9 Naam: नवरात्रि के दिन चल रहे हैं और इन 9 दिनों में माता क नौ अलग-अलग रूप की पूजा होती है। नवरात्रि के 9 दिन माता के अलग-अलग स्वरूप को समर्पित है। इन नौ दिनों माता रानी की विधि-विधान की पूजा के साथ मंत्रों का जाप करने का भी विशेष महत्व है। यहां से आप माता के 9 रूपों के नाम मंत्र देख सकते हैं। साथ ही यहां प्रार्थना मंत्र और स्तुति मंत्र भी दिए गए हैं। इनके निरंतर जाप से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

1. शैलपुत्री

नाम मंत्र

ह्रीं शिवायै नम:

प्रार्थना मंत्र

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।

वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

स्तुति मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मां शैलपुत्री रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

2. ब्रह्मचारिणी

नाम मंत्र

ह्रीं श्रीं अम्बिकायै नम:

प्रार्थना मंत्र

दधाना कर पद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू।

देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

स्तुति मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

3. चंद्रघंटा

नाम मंत्र

ऐं श्रीं शक्तयै नम:

प्रार्थना मंत्र

पिण्डज प्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।

प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥

स्तुति मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मां चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

4. कूष्मांडा

नाम मंत्र

ऐं ह्रीं देव्यै नम:

प्रार्थना मंत्र

सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च।

दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥

स्तुति मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

5. स्कंदमाता

नाम मंत्र

ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:

प्रार्थना मंत्र

सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चित करद्वया।

शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥

स्तुति मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मां स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

6. कात्यायनी

नाम मंत्र

क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:

प्रार्थना मंत्र

चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।

कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥

स्तुति मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मां कात्यायनी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

7. कालरात्रि

नाम मंत्र

क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:

प्रार्थना मंत्र

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।

लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्त शरीरिणी॥

वामपादोल्लसल्लोह लताकण्टकभूषणा।

वर्धन मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥

स्तुति मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मां कालरात्रि रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

8. महागौरी

नाम मंत्र

श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:

प्रार्थना मंत्र

श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।

महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥

स्तुति मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मां महागौरी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

9. सिद्धिदात्री

नाम मंत्र

ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:

प्रार्थना मंत्र

सिद्ध गन्धर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।

सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥

स्तुति मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मां सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

Srishti
सृष्टि author

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्... और देखें

End of Article