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Navratri 9th Day Katha In Hindi: नवरात्रि के नौवें दिन पढ़ें मां सिद्धिदात्री की कथा, हर काम में मिलेगी सफलता

Navratri 9th Day Katha In Hindi, Maa Siddhidatri Vrat Katha In Hindi (मां सिद्धिदात्री की व्रत कथा): नवरात्रि के नौवें दिन मां अंबे की विशेष कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो इस दिन मां सिद्धिदात्री की व्रत कथा जरूर पढ़ें।

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Shardiya Navratri 2024 Day 9, Maa Siddhidatri Vrat Katha In Hindi

Navratri 9th Day Katha In Hindi, Maa Siddhidatri Vrat Katha In Hindi: मां सिद्धिदात्री सिद्धि देनी वाले देवी कहलाती हैं। कहते हैं भगवान शिव ने भी मां सिद्धिदात्री से सिद्धियां प्राप्त की हैं। इसलिए नवरात्रि के नौवें दिन जो भक्त सच्चे मन से मां सिद्धिदात्री की पूजा करता है उसके सारे काम सिद्ध हो जाते हैं। मां सिद्धिदात्री को प्रसन्न करने के लिए उन्हें हलवा, पूरी और चने का भोग जरूर लगाएं। चलिए अब जानते हैं मां सिद्धिदात्री की व्रत कथा।

मां सिद्धिदात्री की व्रत कथा (Navratri 9th Day Katha In Hindi, Maa Siddhidatri Vrat Katha)

मां सिद्धिदात्री की पौराणिक कथा अनुसार सिद्धिदात्री देवी के नाम का अर्थ होता है सिद्धि देने वाली देवी। मां सिद्धिदात्री की पूजा से इंसान के अंदर की बुराइयों और अंधकार का नाश हो जाता है और जीवन सुखों से भर जाता है। कहते हैं माता अपने भक्तों की सभी मनोकामना पूरी करती हैं। मां के स्वरूप की बात करें तो मां सिद्धिदात्री कमल पर विराजमान हैं और इनकी सवारी शेर है। देवी की चार भुजाएं होती है। इनके दाएं हाथ में गदा, दूसरे दाहिने हाथ में चक्र है। दोनों बाएं हाथ में शंख और कमल का फूल है। कहते हैं भगवान शिव ने मां सिद्धिदात्री की कठोर तपस्या करके 8 सिद्धियां प्राप्त की थी। इतना ही नहीं मां सिद्धिदात्री की ही कृपा से भगवान शिव का आधा शरीर देवी का हुआ था जिस वजह से भगवान का एक नाम अर्धनारीश्वर पड़ा था। कहते हैं देवी दुर्गा का यह स्वरूप अन्य सभी स्वरूपों की तुलना में सबसे ज्यादा शक्तिशाली है।

कहते हैं मां दुर्गा का यह स्वरूप सभी देवी देवताओं के तेज से प्रकट हुआ है। जब महिषासुर के अत्याचारों से परेशान होकर सभी देव त्रिदेव की शरण में पहुंचे थे। तब भगवान ने बताया इसका अंत देवी ही कर सकती हैं। तब सभी देवता गण के तेज से एक दिव्य शक्ति का निर्माण हुआ जिसे मां सिद्धिदात्री कहा गया। कहते हैं इन्होंने ही दैत्य महिषासुर का अंत किया था।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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