अध्यात्म

शनिवार व्रत कब से शुरू करें, शनिवार के व्रत कितने करने चाहिए, शनिवार का व्रत कब खोलना चाहिए, जानें नियम

Shaniwar Ke Vrat Ke Niyam Kya Hai: क्या आप भी शनिदेव और हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए शनिवार का व्रत रखते हैं या रखने की सोच रहे हैं? अगर हां, तो सबसे पहले शनिवार व्रत के नियम जान लें।

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जानें शनिवार का व्रत कब शुरू करें और कब खत्म

Shaniwar Vrat Ke Niyam: शनिवार का दिन शनिदेव और हनुमान जी को समर्पित है, जिन्हें खुश करने के लिए भक्तजन इस दिन पूजा-पाठ और व्रत रखते हैं। शनिदेव की कृपा से जहां जीवन के तमाम कष्ट दूर होते हैं और सफलता का रास्ता आसान होता है। वहीं, दूसरी तरफ हनुमान जी की कृपा से भय, चिंता और तनाव आदि नकारात्मक चीजों से छुटकारा मिलता है। साथ ही शनि दोष और मंगल दोष का अशुभ प्रभाव जीवन पर नहीं पड़ता है। इसके अलावा कुछ लोग अपनी विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति करने के लिए भी शनिवार के व्रत रखते हैं। हालांकि, शनिवार के दिन पूजा करने और व्रत रखने से जुड़े विभिन्न नियम हैं, जिनका पालन करने के बाद ही पूजा का पूर्ण फल मिलता है।

शनिवार व्रत कब से शुरू करें और कब से नहीं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के पहले शनिवार से शनिवार के व्रत शुरू किए जा सकते हैं। खासकर, सावन में शनिवार के व्रत का आरंभ करना ज्यादा शुभ होता है। वहीं, किसी भी महीने के कृष्ण पक्ष से शनिवार के व्रत शुरू नहीं करने चाहिए, अन्यथा पूजा का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है।

शनिवार के व्रत कितने दिनों तक करें

यदि आप शनिवार के व्रत रखने जा रहे हैं तो सबसे पहले 7, 11, 16, 21 या 51 दिनों (शनिवार) के व्रत का संकल्प लें। व्रत पूरे होने के बाद समापन पूजा करें, जिसके पश्चात फिर से शनिवार व्रत का संकल्प लिया जा सकता है।

शनिवार व्रत के नियम

  • सुबह सूर्योदय से पहले उठें।
  • सफेद रंग के कपड़े पहनने की जगह काले या नीले रंग के साफ वस्त्र पहनें।
  • शनिदेव की पूजा के बाद पीपल के पेड़ की पूजा जरूर करें।
  • घर के बजाय शनि मंदिर या हनुमान मंदिर में जाकर पूजा करें।
  • पूजा शुरू करने से पहले व्रत का संकल्प लें।
  • संकल्प को किसी भी कारण से बीच में न तोड़ें।
  • व्रत वाले दिन नकारात्मक चीजों से पूरी तरह से दूर रहें।
  • व्रत वाले दिन बाल न धोएं और न ही नाखून-बाल काटें।
  • दोपहर के समय सोने से बचें।
  • कपड़े न धोएं।
  • पैसों का लेन-देन न करें।
  • कमजोर लोगों और बेजुबान पशु-पक्षियों को परेशान न करें।
  • व्रत वाले दिन अपनी क्षमता के अनुसार दान करें।
  • दिनभर ब्रह्मचर्य का पालन जरूर करें।

शनिवार का व्रत कब खोलें

पौराणिक शास्त्रों में बताया गया है कि शनिवार का व्रत शाम में सूर्यास्त के बाद शनिदेव या हनुमान जी की पूजा करने के पश्चात खोला (पारण) जा सकता है। बता दें कि इस व्रत के पारण वाले खाने में नमक का इस्तेमाल करना वर्जित होता है।

Nidhi Jain
निधि जैनauthor

निधि जैन Times Now नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के तौर पर जुड़ी हैं। इन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 साल से ज्यादा का अनुभव है। पढ़ने और लिखने के प्रति इनकी रुचि ही इन्हें जर्नलिज्म की ओर लेकर आई। निधि अब तक हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों पर 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुकी हैं।

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