अध्यात्म

शनि साढ़े साती के होते हैं तीन चरण, जानें किस राशि पर चल रहा है इसका सबसे कष्टदायी चरण

ज्योतिष शास्त्र अनुसार शनि साढ़े साती (Shani Sade Sati) के तीन चरण होते हैं और हर चरण का प्रभाव अलग तरह से पड़ता है। लेकिन इसका दूसरा चरण सबसे ज्यादा कष्टदायी माना जाता है। जानिए ये किस राशि पर चल रहा है।

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Shani Sade Sati

शनि साढ़े साती (Shani Sade Sati) हर व्यक्ति के जीवन में कभी न कभी जरूर आती है। कहते हैं इस दौरान शनि व्यक्ति को उसके कर्मों का फल देते हैं। अमूमन लोग इस दशा को बुरा ही मानते हैं लेकिन ऐसा कहना सही नहीं है। ये दशा शुभ फल भी देती है। लेकिन आपके लिए साढ़ेसाती अच्छी होगी या बुरी ये आपकी कुंडली पर निर्भर करता है। शनि साढ़े साती के तीन चरण होते हैं। चलिए जानते हैं इन तीनों चरणों के बारे में विस्तार से यहां। साथ ही जानेंगे किस पर चल रहा है इसका सबसे कष्टदायी चरण।

शनि साढ़े साती का पहला चरण: उदय चरण

शनि साढ़े साती के सबसे पहले चरण को उदय चरण के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस चरण में शनि की इस दशा का उदय हो रहा होता है। इस चरण में आमतौर पर आर्थिक हानि, विवाद और निर्धनता की आशंका रहती है। इस चरण में न गुप्त शत्रु काफी परेशान करते हैं। सहकर्मियों से संबंध खराब होने का खतरा बना रहता है।पारिवारिक मामलों में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। यात्राएं फलदायी नहीं होती। इस चरण में जितना हो सके आप कड़ी मेहनत करें और कुछ न कुछ नया सीखने की कोशिश करें। 2025 में मेष राशि वालों पर साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है।

शनि साढ़े साती का दूसरा चरण: शिखर चरण

ये शनि साढ़े साती का दूसरा चरण है जो सबसे ज्यादा कष्टदायी माना जाता है। इस चरण में साढ़े साती अपने चरम पर होती है। इस दौरान स्वास्थ्य समस्याएं, सम्मान खोने का डर, रिश्तों में दरार आने की संभावना, मानसिक अशान्ति, आर्थिक नुकसान, प्रेमी से झगड़ा और बेवजह के दुख बने रहते हैं। इस चरण में किसी भी काम में सफलता आसानी से नहीं मिलती। व्यक्ति को काफी संघर्ष करना पड़ता है और मेहनत का परिणाम नहीं मिल पाता। इस दौरान मीन राशि वालों पर यही चरण चल रहा है।

शनि साढ़े साती का तीसरा चरण: अस्त चरण

शनि साढ़े साती का अंतिम चरण बाकी दो चरणों से कम कष्टदायी होता है। इस दौरान वित्तीय मोर्चे पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। खर्च में अचानक से वृद्धि होने लगती है। लेकिन अगर सावधानी से रहें तो इस चरण में उतनी दिक्कत नहीं होती। क्योंकि शनि इस चरण में कोई न कोई शुभ फल देकर जाते हैं। इस दौरान कुंभ वालों पर साढ़े साती का आखिरी चरण ही चल रहा है।

(डिसक्लेमर- इस लेख में दी गई जानकारी मान्यताओं पर आधारित है। timesnowhindi.com इसकी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता है। इसलिए किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की राय जरूर लें।)

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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