Self Centered Zodiac Signs : ज्योतिष में ग्रहों और राशियों की स्थिति से व्यक्ति के स्वभाव, सोच और व्यवहार के कई पहलुओं का आकलन किया जाता है। कुछ लोग रिश्तों में बेहद समर्पित होते हैं तो कुछ अपनी स्वतंत्रता, महत्वाकांक्षा और निजी जरूरतों को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। ऐसे लोगों का व्यवहार कई बार सामने वाले को मतलबी या सेल्फ-सेंटर्ड लग सकता है। खासकर तब, जब मुश्किल समय में उनसे सहयोग की उम्मीद की जाए और वे अपनी सुविधा के अनुसार पीछे हट जाएं।
ज्योतिषीय नजरिए से कुछ राशियों के लोग खुद को प्राथमिकता देने, तुरंत निर्णय लेने, प्रशंसा की अपेक्षा रखने या रिश्ते में बोरियत आने पर दूरी बनाने वाले होते हैं। हालांकि, इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि इन राशियों में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति मतलबी ही होगा। जन्म कुंडली में चंद्रमा, शुक्र, लग्न, सप्तम भाव और संबंधित ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के व्यवहार को काफी बदल सकती है। इसके बावजूद सामान्य स्वभाव की बात करें तो मेष, सिंह और मिथुन ऐसी तीन राशियां हैं जिनके कुछ व्यवहार दूसरों को स्वार्थी या मतलबपरस्त महसूस हो सकते हैं।
मेष राशि
मेष राशि के स्वामी मंगल हैं। मंगल व्यक्ति को साहस, आक्रामकता, प्रतिस्पर्धा और तुरंत निर्णय लेने की प्रवृत्ति देता है। यही वजह है कि मेष राशि के लोग अक्सर अपनी इच्छा को पूरा करने के लिए तेजी से आगे बढ़ते हैं।
इनका एक बड़ा गुण इनकी स्पष्टवादिता है, लेकिन यही गुण कभी-कभी इनके लिए समस्या भी बन जाता है। ये हर स्थिति में दूसरे व्यक्ति की भावनाओं के अनुसार खुद को ढालने के बजाय अपनी बात को प्राथमिकता दे सकते हैं।
रिश्तों में भी मेष राशि का व्यक्ति तब तक पूरी ऊर्जा लगा सकता है, जब तक उसके भीतर उत्साह और जुड़ाव बना हुआ है। लेकिन अगर उसे लगे कि सामने वाला उसकी स्वतंत्रता में बाधा बन रहा है या रिश्ता उसकी महत्वाकांक्षाओं के रास्ते में आ रहा है तो वह अचानक दूरी बना सकता है।
ज्योतिषीय विश्लेषण में मेष की यही 'पहले मैं' वाली प्रवृत्ति कई बार सामने वाले को मतलबी महसूस करा सकती है। मेष राशि को आवेगी और अपने लक्ष्य की तरफ तेजी से बढ़ने वाली राशि के रूप में देखा जाता है।
अगर मेष राशि के व्यक्ति को लगे कि रिश्ते में उसकी आजादी, निर्णय या महत्वाकांक्षा लगातार दब रही है तो वह ज्यादा समय तक समझौता नहीं करना चाहता है। वह लंबी भावनात्मक बहस के बजाय सीधे दूरी बनाने का फैसला कर सकता है। हालांकि मेष राशि के लोगों को पूरी तरह स्वार्थी मानना उचित नहीं है। जिन लोगों से इन्हें वास्तविक लगाव होता है, उनके लिए ये काफी सुरक्षात्मक और मददगार भी हो सकते हैं।
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सिंह राशि
सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं। सूर्य आत्मविश्वास, नेतृत्व, प्रतिष्ठा और आत्मसम्मान का कारक माना जाता है। इसलिए सिंह राशि के लोगों के लिए सम्मान और पहचान काफी महत्वपूर्ण होती है। इनका सकारात्मक पक्ष देखें तो सिंह राशि के लोग उदार, प्रभावशाली, आत्मविश्वासी और अपने करीबी लोगों के लिए प्रोटेक्टिव हो सकते हैं। लेकिन जब इन्हें लगातार नजरअंदाज किया जाए या इनके योगदान की सराहना न मिले तो इनके व्यवहार में बदलाव आ सकता है। सिंह राशि को प्रशंसा और रिकॉग्नाइजेशन की जरूरत वाली राशि माना जाता है। यही जरूरत कभी-कभी व्यक्ति को अपनी भावनाओं और इच्छाओं को दूसरों की प्राथमिकताओं से ऊपर रखने की तरफ ले जा सकती है।
सिंह राशि के मामले में इसे सिर्फ 'मतलबी' कहना सही नहीं होगा। जबकि ये लोग ऐसे रिश्तों में ज्यादा सहज रहते हैं जहां उन्हें सम्मान, महत्व और इमोशनल एप्रिएशन मिलता रहे। अगर उन्हें लगातार लगे कि सामने वाला केवल उनसे फायदा उठा रहा है या उनकी अहमियत नहीं समझ रहा है तो वे भी पीछे हट सकते हैं। कई बार यह दूरी अचानक दिखाई देती है क्योंकि सिंह राशि का व्यक्ति लंबे समय तक अपनी नाराजगी जाहिर न करके भीतर ही भीतर फैसला ले सकता है।
जब रिश्ते में सम्मान खत्म हो जाए, बार-बार अपमान हो या उन्हें लगे कि सामने वाला उनके योगदान को महत्व नहीं देता, तब सिंह राशि का व्यक्ति दूरी बना सकता है। इनके लिए भावनात्मक जुड़ाव के साथ सेल्फ-रिस्पेक्ट भी बेहद महत्वपूर्ण होता है।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं। बुध बुद्धि, संवाद, जिज्ञासा और परिवर्तनशीलता से जुड़ा ग्रह है। मिथुन राशि के लोग सामान्य तौर पर बातचीत पसंद करने वाले, क्यूरियस और नई चीजों को जल्दी समझने वाले माने जाते हैं, लेकिन यही जिज्ञासु और बदलती हुई प्रकृति कई बार रिश्तों में अस्थिरता का कारण बन सकती है। अगर मिथुन राशि के व्यक्ति को किसी रिश्ते में मेंटल स्टिम्युलेशन न मिले या उसे लगातार बोरियत महसूस होने लगे तो उसका ध्यान दूसरी चीजों की तरफ जा सकता है।
ज्योतिषीय रिलेशनशिप विश्लेषणों में मिथुन को ऐसी राशि बताया गया है जिसकी लॉयल्टी उसके मेंटल कनेक्शन और वैरायटी की जरूरत से प्रभावित हो सकती है। अगर व्यक्ति को रिश्ता नीरस लगे या वह खुद को नजरअंदाज महसूस करे तो उसका ध्यान भटक सकता है। मिथुन राशि का व्यक्ति सही व्यक्ति और सही मानसिक जुड़ाव मिलने पर काफी लॉयल हो सकता है। समस्या तब पैदा होती है जब उसे रिश्ता बहुत प्रेडिक्टेबल, रिस्ट्रिक्टिव या बोरिंग लगने लगे।
यही कारण है कि बाहर से देखने पर इनके व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई दे सकता है। कल तक जो व्यक्ति लगातार बात कर रहा था, वह अचानक दूरी बनाने लगे तो सामने वाले को यह व्यवहार मतलबी लग सकता है।
अगर मिथुन राशि के व्यक्ति को लगे कि रिश्ता उसकी स्वतंत्रता छीन रहा है या उसमें बातचीत, एक्साइटमेंट और मानसिक जुड़ाव नहीं बचा है तो वह धीरे-धीरे दूरी बना सकता है। कई बार यह दूरी बिना किसी बड़े विवाद के भी आ सकती है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और ज्योतिष विद्या के अच्छे जानकार लेखक द्वारा विश्लेषण करके दी गई है। यह केवल सूचना के लिए दी जा रही है। आपके ऊपर इसका प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
