Sawan Somwar 2026 Start And End Date: भगवान शिव के भक्तों के लिए सावन के महीने का खास महत्व होता है। वैसे तो सावन का हर दिन खास होता है, लेकिन इस महीने आने वाले सोमवार को काफी विशेष माना जाता है। दरअसल, सोमवार का दिन और सावन दोनों ही देवों के देव महादेव को समर्पित हैं। ऐसे में सावन में आने वाले सोमवार के दिन शिव जी की उपासना का महत्व ओर ज्यादा बढ़ जाता है। साल 2026 में सावन की शुरुआत 30 जुलाई से हो गई है, जिसका समापन 28 अगस्त को होगा। हालांकि, इस बीच कुल 4 सोमवार पड़ेंगे। आज यहां पर आप सावन सोमवार की तिथियों के साथ-साथ शुभ मुहूर्त और उपायों के बारे में जानेंगे।
सावन के सोमवार कब-कब हैं?
इस बार सावन में कुल 4 सोमवार पड़ रहे हैं। पहला सोमवार 3 अगस्त को, दूसरा 10 अगस्त को, तीसरा 17 अगस्त को और चौथा व अंतिम 24 अगस्त 2026 को है। 3 अगस्त 2026 के दिन की शुरुआत श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि से होगी, जो कि रात 10:54 बजे पर समाप्त होगी। इसके बाद षष्ठी तिथि रहने वाली है। वहीं, 10 अगस्त की शुरुआत श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि से होगी, जो कि सुबह 08 बजकर 01 मिनट पर समाप्त होगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि रहने वाली है। श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि से 17 अगस्त की शुरुआत होगी, जो कि शाम 5 बजे समाप्त होगी। इसके बाद षष्ठी तिथि रहेगी। इसके अलावा 24 अगस्त 2026 के दिन का आरंभ श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि से होगा, जो दिनभर रहेगी।
3 अगस्त 2026 के शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय: 05:44 बजे
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:19 से सुबह 05:01 बजे तक
- प्रातः सन्ध्या: सुबह 04:40 से सुबह 05:44 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:00 से दोपहर 12:54 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:42 से दोपहर 03:35 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:11 से शाम 07:32 बजे तक
- सायाह्न सन्ध्या: शाम 07:11 से रात 08:14 बजे तक
- प्रदोष काल: शाम 06:26 से शाम 07:56 बजे
- अमृत काल: शाम 05:07 से शाम 06:45 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: मध्य रात्रि 12:06 से मध्य रात्रि 12:49 बजे तक (4 अगस्त)
10 अगस्त 2026 के शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय: 05:47 बजे
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:22 से सुबह 05:05 बजे तक
- प्रातः सन्ध्या: सुबह 04:43 से सुबह 05:47 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:00 से दोपहर 12:53 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:39 से दोपहर 03:32 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:05 से शाम 07:27 बजे तक
- सायाह्न सन्ध्या: शाम 07:05 से रात 08:09 बजे तक
- प्रदोष काल: शाम 06:37 से रात 08:48 बजे
- निशिता मुहूर्त: मध्य रात्रि 12:05 से मध्य रात्रि 12:48 बजे तक (11 अगस्त)
17 अगस्त 2026 के शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय: 05:51 बजे
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:24 से सुबह 05:08 बजे तक
- प्रातः सन्ध्या: सुबह 04:46 से सुबह 05:51 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:59 से दोपहर 12:51 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:36 से दोपहर 03:29 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:59 से शाम 07:20 बजे तक
- सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:59 से रात 08:04 बजे तक
- प्रदोष काल: शाम 06:58 से शाम 08:00 बजे
- अमृत काल: रात 10:16 से रात 11:57 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: मध्य रात्रि 12:03 से मध्य रात्रि 12:47 बजे तक (18 अगस्त)
24 अगस्त 2026 के शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय: 05:55 बजे
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:27 से सुबह 05:11 बजे तक
- प्रातः सन्ध्या: सुबह 04:49 से सुबह 05:55 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:57 से दोपहर 12:49 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:33 से दोपहर 03:24 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:52 से शाम 07:14 बजे तक
- सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:52 से शाम 07:58 बजे तक
- प्रदोष काल: शाम 06:24 से शाम 08:39 बजे
- अमृत काल: दोपहर 03:07 से दोपहर 04:54 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: मध्य रात्रि 12:01 से मध्य रात्रि 12:46 बजे तक (25 अगस्त)
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सावन सोमवार के उपाय
- यदि आप शिव जी को खुश करना चाहते हैं तो सावन सोमवार के दिन उन्हें जल, दूध, दही, शकर, गन्ने का रस और घी आदि भोजन सामग्री अर्पित करें। साथ ही 108 बार 'ॐ नम: शिवाय' मंत्र का जाप करें। अंत में जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए माफी मांगें और अपनी इच्छा को बोलें। इस उपाय से आपको लाभ जरूर होगा।
- सावन सोमवार के दिन शिव जी के विग्रह के साथ-साथ शिवलिंग की भी पूजा करनी चाहिए। शिवलिंग पर आप कच्चा दूध चढ़ाएं और शिव जी के नाम का 108 बार जाप करें। ऐसा करने से न सिर्फ आपको मानसिक शांति मिलेगी, बल्कि शिव जी की कृपा से जीवन में कुछ बड़ा करने की प्रेरणा भी मिलेगी।
- यदि आप अपनी किसी विशेष मनोकामना को पूरा करना चाहते हैं तो सावन सोमवार के दिन महादेव की पूजा करने के बाद शांत मन से शिव चालीसा का पाठ करें। पाठ करने के बाद अपनी इच्छा को शिव जी के सामने व्यक्त करें। साथ ही शाम के समय सफेद रंग की चीजों का दान करें।
