Sawan Shivratri 2023 Puja Samagri And Vidhi: शिवरात्रि सावन महीने का सबसे शुभ और पवित्र दिन माना जाता है। इस दिन शिवलिंग की पूजा (Shivling Ki Puja Vidhi) करने का विशेष महत्व होता है। कावड़िए भी शिवलिंग पर जल चढ़ाने (Kawad Jal Date 2023) के लिए इसी दिन को उत्तम मानते हैं। कहते हैं सावन शिवरात्रि पर शिव भगवान का जलाभिषेक (Sawan Jal Date) और रुद्राभिषेक करने से उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है। लेकिन इस दिन की पूजा में कुछ विशेष सामग्रियों का होना जरूरी है। ये सामग्री हैं पुष्प, पंच फल, पंच मेवा, दही, शुद्ध देशी घी, शहद, गंगा जल, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, बेर, आम्र मंजरी आदि। जानिए शिवरात्रि पूजा की सामग्री (Shivratri Puja Samagri) और पूजा विधि विस्तार से यहां।
सावन शिवरात्रि 2023 पूजा सामग्री (Sawan Shivratri 2023 Puja Samagri)
शिव या शिव परिवार की प्रतिमा, पंच मिष्ठान्न, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, बेर, आम्र मंजरी, पुष्प, पंच फल, पंच मेवा, दही, शुद्ध देशी घी, शहद, गंगा जल, पवित्र जल, पंच रस, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, रत्न, सोना, चांदी, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, कुशासन, गाय का कच्चा दूध, ईख का रस, जौ की बालें, तुलसी दल, मंदार पुष्प, कपूर, धूप, दीप, रुई, मलयागिरी, चंदन, शिव व मां पार्वती की श्रृंगार की सामग्री।
सावन शिवरात्रि 2023 पूजा विधि (Sawan Shivrati 2023 Puja Vidhi)
- सावन शिवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठ जाएं।
- गंगा नदी में या गंगाजल को पानी में मिलाकर स्नान कर लें।
- फिर स्वच्छ वस्त्र धारण कर 'ॐ' का निरंतर जाप करें।
- फिर पूजा की थाली फल, फूल, दीप, नैवेद्य, बेलपत्र, धतूरा आदि से सजाएं। साथ ही दूध और जल का लोटा भी रखें।
- अगर घर में शिवलिंग है तो पूजा घर में ही करें अन्यथा शिवालय में पूजा हेतु जाएं।
- शिवलिंग पर सबसे पहले दूध चढ़ाएं फिर उसके बाद जलाभिषेक करें।
- फिर सभी पूजा सामग्री का प्रयोग करते हुए शिवलिंग की पूजा करें।
- इस दिन भगवान शिव को बेलपत्र जरूर चढ़ाएं।
- भगवान शिव के प्रिय मृत्युंजय मंत्र का जाप भी जरूर करें।
- इसके बाद शिव को मिष्ठान आदि का भोग लगाएं।
- फिर अंत में शिव जी की आरती कर प्रसाद सभी में वितरित करें।
- शिव चालीसा पढ़ें।
सावन शिवरात्रि पूजा शुभ मुहूर्त 2023 (Sawan Shivratri Puja Muhurat 2023)
सावन शिवरात्रि की पूजा रात्रि के चारों पहर में से किसी भी पहर में की जा सकती है। पहले पहर की पूजा का समय 07:21 पी एम से 09:54 पी एम तक रहेगा। दूसरे पहर की पूजा 09:54 पी एम से 12:27 ए एम, जुलाई 16 तक की जा सकेगी। तीसरे पहर की पूजा का समय 12:27 ए एम से 03:00 ए एम, जुलाई 16 तक का है और चौथे पहर की पूजा 03:00 ए एम से 05:33 ए एम, जुलाई 16 तक होगी। पूजा के सबसे शुभ मुहूर्त की बात करें तो वो 12:07 ए एम से 12:48 ए एम, जुलाई 16 तक रहेगा।
