अध्यात्म

Sawan Pradosh Vrat 2023: इस साल पड़ेंगे 4 प्रदोष व्रत, जानें इनकी डेट

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Jun 16, 2023, 06:29 AM IST

Sawan Pradosh Vrat 2023: सावन का महीना 4 जुलाई से शुरू हो रहा है और इसकी समाप्ति 31 अगस्त को होगी। इस महीने चार प्रदोष व्रत पड़ेंगे। जानिए इन सभी प्रदोष व्रत की डेट।

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Sawan Pradosh Vrat 2023 Date: सावन प्रदोष व्रत

Sawan Pradosh Vrat 2023 Date: श्रावण मास (Sawan 2023) की शुरुआत 4 जुलाई से हो रही है और इसका समापन 31 अगस्त को होगा। इस बार सावन का महीना शिव भक्तों के लिए काफी खास रहेगा। दरअसल इस श्रावण मास (Shravan Month 2023) में 4 प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं। अमूमन सावन में दो प्रदोष व्रत ही आते हैं। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का खास महत्व माना जाता है और जब बात सावन में पड़ने वाले प्रदोष व्रत की हो तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। मलमास (Malmas 2023) लगने के कारण इस सावन में 4 प्रदोष व्रत का अद्भुत संयोग बना है। नोट कर लें श्रावण प्रदोष व्रत की डेट।

सावन प्रदोष व्रत 2023 डेट (Sawan Pradosh Vrat 2023 Date)

तारीखप्रदोष व्रत
15 जुलाई 2023, शनिवारशनि प्रदोष व्रत
30 जुलाई 2023, रविवाररवि प्रदोष या भानु प्रदोष व्रत
13 अगस्त 2023, रविवाररवि प्रदोष या भानु प्रदोष व्रत
28 अगस्त 2023, सोमवारसोम प्रदोष व्रत

प्रदोष व्रत की महिमा और महत्व (Pradosh Vrat Significance)

प्रदोष व्रत को त्रयोदशी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। ये हर महीने में दो बार यानी एक बार कृष्ण पक्ष में तो एक बार शुक्ल पक्ष में पड़ता है। कृष्ण पक्ष में पड़ने वाले प्रदोष व्रत को कृष्ण प्रदोष व्रत (Krishna Pradosh Vrat) और शुक्ल पक्ष में आने वाले प्रदोष को शुक्ल प्रदोष व्रत (Shukl Pradosh Vrat) के नाम से जाना जाता है। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। मान्यता है इस व्रत को करने से व्यक्ति को अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्राप्ति होती है। दक्षिण भारत में लोग इसे प्रदोषम व्रत के नाम से जाना जाता है।

मान्यता है कि प्रदोष व्रत करने से भगवान शिव अपने भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं। इस व्रत के प्रभाव से वैवाहिक जीवन में आने वाली परेशानियां भी दूर हो जाती हैं। पुराणों अनुसार प्रदोष व्रत करने से 2 गायों के दान के बराबर फल प्राप्त होता है। इस व्रत का महत्व बताते हुए महाज्ञानी सूत जी कहते हैं, ‘जब कलयुग में अधर्म बढ़ जाएगा, लोग सच बोलना छोड़ देंगे उस समय प्रदोष व्रत अंधेरे में एक लौ की तरह उभरेगा जिससे लोग भगवान शिव की आराधना कर अपने पापों का प्रायश्चित करेंगे’।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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