Saturn Combust 2026: ज्योतिष शास्त्र में शनि को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है। 13 मार्च 2026 की शाम 7 बजकर 13 मिनट पर शनि मीन राशि में रहते हुए अस्त हो जाएंगे। जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत करीब पहुंच जाता है तो उसे अस्त कहा जाता है। इस स्थिति में उस ग्रह की शक्ति कुछ समय के लिए कम मानी जाती है। ऐसे में जिन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, उन्हें इस अवधि में कुछ मामलों में राहत महसूस हो सकती है।
वर्तमान समय में शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। इसके कारण कुछ राशियों पर साढ़ेसाती और कुछ पर शनि की ढैय्या का प्रभाव है। ऐसे में शनि के अस्त होने को इन राशियों के लिए एक ऐसा समय माना जा रहा है जब कुछ परेशानियों में थोड़ी कमी आ सकती है। आइए जानते हैं कि किन राशि वालों को इससे लाभ होगा।
मेष राशि
मेष राशि के लोगों के लिए साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हुआ है। इस चरण में व्यक्ति को नई जिम्मेदारियों और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कई बार इस दौरान जीवन की दिशा को लेकर भी नए अनुभव सामने आते हैं। शनि के अस्त होने से इस राशि के लोगों को मानसिक रूप से थोड़ी राहत मिल सकती है। कुछ मामलों में काम का दबाव कम महसूस हो सकता है। जो लोग नई योजनाओं पर काम करना चाहते हैं, उनके लिए धीरे-धीरे रास्ते खुल सकते हैं। हालांकि इस समय जल्दबाजी से बचना और धैर्य के साथ आगे बढ़ना बेहतर रहेगा।
सिंह राशि
सिंह राशि के लोगों पर इस समय शनि की ढैय्या का प्रभाव है। ढैय्या के दौरान व्यक्ति को कामकाज, आर्थिक मामलों या पारिवारिक जिम्मेदारियों में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। शनि के अस्त होने की स्थिति में इस राशि के लोगों को कुछ मामलों में राहत मिल सकती है। जो लोग लंबे समय से मानसिक तनाव महसूस कर रहे थे, उन्हें थोड़ी स्थिरता महसूस हो सकती है। कामकाज में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है और कुछ नए अवसर भी सामने आ सकते हैं। इस दौरान धैर्य बनाए रखना और सोच-समझकर निर्णय लेना जरूरी रहेगा।
धनु राशि
धनु राशि के लोगों के लिए भी शनि की ढैय्या का प्रभाव है। इस दौरान कई बार व्यक्ति को पारिवारिक या पेशेवर जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। शनि के अस्त होने से इस राशि के लोगों को मानसिक दबाव में थोड़ी कमी महसूस हो सकती है। घर-परिवार से जुड़े मामलों में धीरे-धीरे संतुलन बनने के संकेत मिल सकते हैं। कामकाज में जो रुकावटें महसूस हो रही थीं, उनमें भी कुछ सुधार हो सकता है। हालांकि इस समय भी मेहनत और धैर्य बनाए रखना जरूरी रहेगा।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के लोगों के लिए इस समय शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। साढ़ेसाती के अंतिम चरण में व्यक्ति को अपने पिछले प्रयासों का परिणाम मिलने की स्थिति बनती है, लेकिन साथ ही कुछ जिम्मेदारियां भी बनी रहती हैं। शनि के अस्त होने से इस राशि के लोगों को मानसिक दबाव में कुछ कमी महसूस हो सकती है। कामकाज के क्षेत्र में जो रुकावटें पहले महसूस हो रही थीं, उनमें धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है। नौकरी करने वाले लोगों के लिए कार्यस्थल का माहौल थोड़ा बेहतर हो सकता है। व्यापार करने वालों को भी नई योजनाओं पर काम करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि इस समय भी अनुशासन और धैर्य बनाए रखना जरूरी रहेगा।
मीन राशि
मीन राशि के लोगों के लिए साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है और शनि इसी राशि में गोचर कर रहे हैं। यह चरण कई बार सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसमें जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और जीवन के कई क्षेत्रों में दबाव महसूस हो सकता है। ऐसे में शनि के अस्त होने से कुछ मामलों में राहत मिलने की संभावना मानी जाती है। काम से जुड़े तनाव में कमी आ सकती है और धीरे-धीरे परिस्थितियां संतुलित होती हुई दिखाई दे सकती हैं। जो लोग लंबे समय से किसी काम में सफलता पाने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें इस अवधि में थोड़ा सकारात्मक बदलाव महसूस हो सकता है। हालांकि बड़े फैसले लेते समय सावधानी बरतना जरूरी रहेगा।
करें ये उपाय
ज्योतिष के अनुसार शनि के प्रभाव को संतुलित करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। शनिवार के दिन शनि देव की पूजा करना, जरूरतमंद लोगों को दान देना और मेहनत व अनुशासन के साथ जीवन जीना शुभ माना जाता है। इसके अलावा ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जप करना भी कई लोग लाभकारी मानते हैं। इस तरह 13 मार्च को शनि के अस्त होने की घटना ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। खासतौर पर जिन राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव चल रहा है, उनके लिए यह समय कुछ मामलों में राहत और संतुलन लेकर आ सकता है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
