Rudraksha Types: रुद्राक्ष शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है-रुद्र यानी भगवान शिव और-अक्ष यानी आंसू। मान्यता है कि भगवान शिव की तपस्या के दौरान उनके आंसुओं से रुद्राक्ष की उत्पत्ति हुई थी। यही वजह है कि इसे बेहद पवित्र और चमत्कारी माना जाता है। रुद्राक्ष के दाने खास पेड़ों पर उगते हैं। इन दानों के ऊपर नीले रंग की परत होती है और हर दाने पर कुछ प्राकृतिक रेखाएं बनी होती हैं। इन्हीं रेखाओं को मुखी (mukhi rudraksha) कहा जाता है। किसी रुद्राक्ष में कितने मुख हैं, उसी से उसकी पहचान और महत्व तय होता है।
एक रुद्राक्ष का पेड़ फल देने में करीब 10 से 12 साल का समय लेता है। जब इसका फल पक जाता है तो उसे कुछ दिनों तक पानी में भिगोया जाता है। इसके बाद उसका गूदा हटाकर अंदर से रुद्राक्ष का दाना निकाला जाता है। आमतौर पर रुद्राक्ष 1 मुखी से लेकर 21 मुखी तक पाए जाते हैं। हालांकि, अब इससे ज्यादा मुख वाले रुद्राक्ष भी मिलने लगे हैं, लेकिन पुराने धार्मिक ग्रंथों में उनका जिक्र नहीं मिलता।
रुद्राक्ष सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि नेपाल और इंडोनेशिया में भी पाए जाते हैं। नेपाल के रुद्राक्ष आकार में बड़े और ज्यादा चमकदार माने जाते हैं, जबकि इंडोनेशिया के रुद्राक्ष छोटे होते हैं और इन्हें जावा रुद्राक्ष कहा जाता है। हालांकि, असली महत्व इस बात का होता है कि रुद्राक्ष में कितने मुख हैं, क्योंकि हर मुखी का अपना अलग आध्यात्मिक महत्व माना गया है।
1 मुखी रुद्राक्ष को भगवान शिव का स्वरूप माना जाता है। कहा जाता है कि इसे धारण करने से मन शांत रहता है और एकाग्रता बढ़ती है। 2 मुखी रुद्राक्ष अर्धनारीश्वर से जुड़ा होता है और इसे रिश्तों में प्यार और तालमेल बढ़ाने वाला माना जाता है।
3 मुखी रुद्राक्ष अग्नि देव से संबंधित माना जाता है। मान्यता है कि इसे पहनने से पुराने कर्मों और नकारात्मक सोच से मुक्ति मिलती है। 4 मुखी रुद्राक्ष ज्ञान और रचनात्मकता बढ़ाने वाला माना जाता है, इसलिए विद्यार्थी और क्रिएटिव फील्ड से जुड़े लोग इसे पहनना पसंद करते हैं।
5 मुखी रुद्राक्ष सबसे ज्यादा पहना जाने वाला रुद्राक्ष है। इसे शुभ और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला माना जाता है। वहीं 6 मुखी रुद्राक्ष को इच्छाओं की पूर्ति और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला बताया गया है।
7 मुखी रुद्राक्ष मां लक्ष्मी से जुड़ा माना जाता है। लोग मानते हैं कि इसे धारण करने से धन, तरक्की और नए अवसर मिलने लगते हैं। 8 मुखी रुद्राक्ष भगवान गणेश से संबंधित है और इसे बाधाएं दूर करने वाला माना जाता है।
9 मुखी रुद्राक्ष मां दुर्गा का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि इसे पहनने से व्यक्ति के अंदर साहस और निडरता आती है। वहीं 10 मुखी रुद्राक्ष भगवान कृष्ण से जुड़ा होता है और इसे मानसिक शांति देने वाला माना जाता है।
जैसे-जैसे मुखों की संख्या बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे रुद्राक्ष दुर्लभ और खास माने जाते हैं। हर मुखी रुद्राक्ष का अपना अलग महत्व, देवता और उद्देश्य बताया गया है। यही कारण है कि लोग अपनी जरूरत और आस्था के हिसाब से अलग-अलग रुद्राक्ष धारण करते हैं।
