Ravi Pradosh Vrat June 2025: सनातन धर्म में रवि प्रदोष व्रत का अत्यधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव प्रदोष काल में भक्तों पर विशेष कृपा करते हैं। जो भी श्रद्धालु इस व्रत को नियमपूर्वक करता है, उसे संपत्ति, संतान, सुख-शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही यह व्रत रोग, बाधा और पाप नष्ट करने वाला माना गया है। रवि प्रदोष व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने का एक अति पुण्यदायी अवसर है। जो भक्त श्रद्धा और नियम से इस व्रत को करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है।
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रवि प्रदोष व्रत- 8 जून 2025, रविवार
प्रदोष पूजा मुहूर्त - 07:18 PM से 09:19 PM
त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ - 08 जून 2025 को 07:17 AM
त्रयोदशी तिथि समाप्त - 09 जून 2025 को 09:35 AM
ऐसी मान्यता है कि ये व्रत रखने से समस्त पापों का नाश हो जाता है। व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। संतान प्राप्ति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
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