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Radha Ashtami Vrat Katha In Hindi: राधा अष्टमी व्रत में जरूर पढ़ें ये पौराणिक कथा, राधा रानी की बरसेगी विशेष कृपा

Radha Ashtami Vrat Katha In Hindi: इस साल राधा अष्टमी का पर्व 11 सितंबर को मनाया जा रहा है। मान्यताओं अनुसार इस दिन राधा रानी का जन्म हुआ था। कहते हैं जो कोई भी व्यक्ति राधा अष्टमी पर सच्चे मन से व्रत रख विधि विधान राधा रानी की पूजा करता है उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। इस व्रत दिन व्रत रखने वाले भक्तों को राधा अष्टमी की कथा जरूर पढ़नी चाहिए।

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Radha Ashtami Vrat Katha pdf

Radha Ashtami Vrat Katha In Hindi: राधा अष्टमी का व्रत बेहद कल्याणकारी माना गया है। कहते हैं जो भक्त सच्चे मन से ये व्रत रखता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही राधा रानी और भगवान कृष्ण की असीम कृपा प्राप्त होती है। ये व्रत रखने वाले लोगों पर माता लक्ष्मी भी मेहरबान रहती हैं। मान्यताअनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा रानी का जन्म हुआ था इसलिए ही इस दिन हर साल राधा अष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। चलिए जानते हैं राधा अष्टमी की व्रत कथा।

राधा अष्टमी व्रत कथा pdf (Radha Ashtami Vrat Katha pdf)

राधा अष्टमी की पौराणिक कथा अनुसार एक दिन वृषभानु जी को किसी तालाब में कमल के फूल के बीच में एक कन्या लेटी हुई मिली। जिसे वो अपने घर लेकर आ गए। राधा रानी को वो अपने घर तो ले आये लेकिन वो आंखें नहीं खोल रही थीं जिस वजह से वृषभानु जी परेशान थे। ऐसा कहा जाता है कि राधा जी अपने जन्म के बाद सबसे पहले कृष्ण जी को ही देखना चाहती थी इसलिए दूसरों की लाख कोशिशों के बाद भी उन्होनें तब तक अपनी आंखें बंद रखीं जब तक उनकी मुलाकात कृष्ण जी से नहीं हुई। बाल्यावस्था में जब उनकी मुलाकात कृष्ण जी से हुई तब जाकर राधा रानी ने अपनी आंखें खोलीं।

पद्दपुराण के अनुसार एक बार राधा रानी के पिता वृषभानु जी यज्ञ के लिए भूमि साफ कर रहे थे, तभी धरती की कोख से उन्हें एक बच्ची प्राप्त हुई जिनका नाम राधा रखा गया। कहते हैं वृषभानु जी को जिस दिन राधा रानी मिली थीं उस दिन भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि थी, इसलिए ही इस दिन को राधा अष्टमी के रूप में मनाया जाने लगा। कहते हैं जो व्यक्ति राधा अष्टमी का व्रत रखता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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