Premanand Ji Maharaj Darshan Time (17 April 2026): वृंदावन की पावन भूमि पर हर दिन भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। खासतौर पर जब बात प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन की हो, तो श्रद्धालुओं की उत्सुकता कई गुना बढ़ जाती है। यदि आप 17 अप्रैल 2026, शुक्रवार को महाराज जी के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यहां जानें दिनभर का पूरा शेड्यूल, सही समय और स्थान, ताकि आपके दर्शन सफल और सहज हो सकें।
सुबह आश्रम का शेड्यूल और दर्शन का समय
वृंदावन स्थित श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम में सुबह का समय बेहद शांत और आध्यात्मिक होता है। भजन, आरती और सत्संग से पूरा वातावरण भक्ति रस में डूबा रहता है। सुबह 07:00 से 10:00 बजे के बीच श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, इसलिए बेहतर होगा कि आप समय से पहले पहुंच जाएं।
- 04:15 AM – 05:45 AM: दैनिक सत्संग (महाराज जी के उपदेश)
- 05:45 AM – 06:30 AM: मंगला आरती एवं वन विहार
- 06:30 AM – 08:00 AM: श्री राधा सुधा निधि पाठ
- 07:00 AM – 08:00 AM: एकांतिक वार्तालाप (सीमित श्रद्धालुओं के लिए)
- 08:15 AM – 09:00 AM: श्रृंगार आरती एवं भक्त नामावली
- 09:00 AM – 09:30 AM: राधा नाम संकीर्तन
कहां देखने को मिलेंगे प्रेमानंद जी महाराज?
नई व्यवस्था के अनुसार अब महाराज जी पारंपरिक वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर नहीं आते हैं। इसके स्थान पर वे सौरभि कुंड की ओर जाते हुए रास्ते में ही भक्तों को दर्शन देते हैं। 17 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 06:00 से 07:00 बजे के बीच का समय दर्शन के लिए सबसे उपयुक्त है। इस समय महाराज जी केलि कुंज आश्रम से वाहन द्वारा निकलते हैं और सौरभि कुंड की ओर जाते हुए कुछ दूरी पैदल चलते हैं, जहां भक्तों को दर्शन का सौभाग्य मिलता है।
आश्रम का शाम का शेड्यूल
शाम के समय आश्रम में एक अलग ही आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है। दिनभर की थकान के बाद भक्त यहां आकर शांति और सुकून पाते हैं। यदि आप वृंदावन में रात्रि विश्राम का प्लान कर रहे हैं, तो आपको शाम के समय केलि कुंज आश्रम जरूर जाना चाहिए।
- 04:00 PM – 04:15 PM: धूप आरती
- 04:15 PM – 05:15 PM: वाणी पाठ
- 05:15 PM – 05:45 PM: सत्संग एवं चर्चा
- 05:45 PM – 06:00 PM: संध्या आरती
महाराज जी के दर्शन के लिए सुबह जल्दी पहुंचने से भीड़ से बचा जा सकता है। इसके अलावा परिक्रमा मार्ग पर दर्शन के लिए अनुशासन बनाए रखें और आश्रम के नियमों का पालन करें। दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ होती है, इसलिए पानी और आवश्यक चीजें साथ रखें।
