अध्यात्म

जानिए प्रदोष काल में कैसे करें भगवान शिव की पूजा, मिलेगा भोलेनाथ का आशीर्वाद

Pradosh Vrat Puja Vidhi: यहां जानिए प्रदोष काल में कैसे आप भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं। प्रदोष काल में भगवान शिव की आराधना करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

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प्रदोष व्रत पूजा विधि (फोटो: AI)

Pradosh Vrat Puja Vidhi: शनि प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और शिव परिवार की विधि-विधान से पूजा की जाती है। प्रदोष व्रत हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजा करने का विशेष महत्व होता है। शनि प्रदोष व्रत 27 जून 2026, शनिवार को रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव की पूजा के लिए प्रदोष काल शाम 07:20 बजे से रात 09:29 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव की आराधना करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। यहां जानिए प्रदोष काल में कैसे आप भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं।

प्रदोष व्रत की सुबह की पूजा विधि

प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। घर के मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करें और बेलपत्र, फूल आदि चढ़ाएं। इस दिन मन को शांत रखते हुए भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। श्रद्धा के साथ पूरे दिन भगवान शिव का स्मरण करें। कोशिश करें कि मोबाइल या टीवी की वजह से आपका ध्यान ना भटके।

प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा विधि

प्रदोष काल में भगवान शिव की मुख्य पूजा की जाती है। पूजा से पहले दोबारा स्नान करके साफ वस्त्र पहनें। पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें। इसके बाद एक साफ चौकी पर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या शिवलिंग स्थापित करें। सबसे पहले शिवलिंग का अभिषेक करें। शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर अर्पित कर पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद शुद्ध जल से शिवलिंग को स्नान कराएं।

अभिषेक के बाद भगवान शिव को चंदन लगाएं और बेलपत्र, अक्षत, धतूरा, भांग, सफेद फूल और शमी के पत्ते अर्पित करें। माता पार्वती को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक चढ़ाएं। इसके बाद भगवान शिव के सामने घी का दीपक जलाएं और शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र तथा शिव मंत्रों का जाप करें। प्रदोष व्रत कथा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।

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प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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