Pradosh Vrat October 2023 Kab Hai: पंचांग अनुसार प्रदोष व्रत 11 अक्टूबर, बुधवार के दिन पड़ रहा है। बुधवार के दिन पड़ने की वजह से ये बुध प्रदोष व्रत होगा (Budh Pradosh Vrat)। धार्मिक मान्यताओं अनुसार बुध प्रदोष व्रत बच्चों के लिए लाभदायक माना जाता है। इस व्रत में भगवान शिव की पूजा की जाती है। जीवन में आने वाली सभी मुसीबतों से निजात पाने के लिए ये व्रत बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है इस व्रत को करने से रोगों तक से मुक्ति मिल जाती है। जानिए बुध प्रदोष व्रत का महत्व और नियम।
ये अन्य प्रदोष व्रत की तुलना में काफी प्रभावशाली माना जाता है। इस दिन विशेष रूप से शिव जी की पूजा शाम के समय सूर्य डूबने के पौने घंटा पहले और डूबने के पौने घंटा बाद तक की जा जाती है।
बुध प्रदोष व्रत का महत्व (Budh Pradosh Vrat Significance)
जब प्रदोष व्रत बुधवार के दिन पड़ता है तो वह बुध प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है। मान्यता है जो व्यक्ति सच्चे मन से बुध प्रदोष व्रत करता है वह जीवन में आने वाली सभी मुसीबतों जैसे रोगों से, ग्रह दोषों से और पारिवारिक कलह से निजात पा लेते है। इतना ही नहीं बुध प्रदोष व्रत को करने से बुध की स्थिति मजबूत हो जाती है साथ ही ये व्रत बच्चों के लिए भी लाभकारी माना जाता है।
बुध प्रदोष व्रत के उपाय (Budh Pradosh Vrat Upay)
घर-परिवार के बड़े लोगों को इस दिन अपने बच्चों से पुस्तकें और हरी चीज़ें दान करवानी चाहिए। इस दिन “ॐ सद्बुद्धि प्रदाये नमः” मंत्र का करीबन 21 बार जाप करना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से बच्चों की बुद्धि में इजाफ़ा होता है।
बीमारियों से निजात पाने के लिए बुध प्रदोष व्रत में करें ये उपाय
यदि आप किसी गंभीर रोग से पीड़ित हैं तो बुध प्रदोष व्रत के दिन भगवान गणेश की लाल रंग की प्रतिमा की स्थापना करें। साथ ही उन्हें दूर्वा अर्पित करें। इसके अलावा शाम के समय विधि पूर्वक शिव जी की पूजा अर्चना करें और उनके सामने तिल के तेल का चार मुख वाला दीया जलाएं। ऐसा करने से आपको रोग से राहत मिल सकती है।
