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Pehla Parkash Purab Sri Guru Granth Sahib Ji 2024: गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश पर्व आज, जानिए इस दिन क्या करते हैं

Pehla Parkash Purab Sri Guru Granth Sahib Ji 2024: गुरु ग्रंथ साहिब प्रकाशोत्सव का सिख धर्म में विशेष महत्व माना गया है। क्योंकि 'गुरु ग्रंथ साहिब सिख' समुदाय का प्रमुख धर्मग्रंथ है। चलिए जानते हैं इस साल गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश उत्सव कब मनाया जा रहा है और इस दिन क्या करते हैं।

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Pehla Parkash Purab Sri Guru Granth Sahib Ji 2024

Pehla Parkash Purab Sri Guru Granth Sahib Ji 2024: श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाशोत्सव हर साल भादो महीने में मनाया जाता है। शिरोमणि कमेटी द्वारा ये उत्सव इस साल 4 सितंबर को यानी आज मनाया जा रहा है। बता दें गुरु ग्रंथ साहिब जी सिख समुदाय का एक प्रमुख धर्मग्रंथ है। जिसे सिखों के पांचवें गुरु, गुरु अर्जन देव जी ने पहली बार साल 1604 में दरबार साहिब में प्रकाशित किया था। बाद में सिख धर्म के दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी ने एक आदेश जारी किया कि अब से सिख लोग गुरु ग्रंथ साहिब का पालन करेंगे। तभी से ये सिख धर्म का मुख्य ग्रंथ बन गया। चलिए जानते हैं कैसे मनाया जाता है गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश पर्व।

गुरु ग्रंथ साहिब प्रकाश पर्व पर क्या करते हैं

    इस दिन गुरुद्वारा साहिब से नगर कीर्तन निकाला जाता है।

  • नगर कीर्तन के मार्ग में कई संस्थानों द्वारा लंगर का आयोजन किया जाता है।
  • कीर्तन विभिन्न इलाकों से होता हुआ गुरु घर में ही संपन्न होता है।
  • साथ ही निशान साहिब को चोला साहिब बदलने के साथ अरदास की जाती है।
  • इस दिन गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला जाता है।
  • जगह-जगह लंगर का आयोजन होता है।
  • इस दिन संकीर्तन मंडली द्वारा दिनभर प्रभु जी की महिमा का गुणगान किया जाता है।
  • गुरु ग्रंथ साहिब का महत्व

    सिख धर्मग्रंथ को ही गुरु ग्रंथ साहिब के रूप में जाना जाता है। यह सिखों के गुरुओं और संतों द्वारा बोली गई बानी को प्रकट करता है। सिख धर्म में गुरु ग्रंथ साहिब में लिखे गए शब्दों को गुरुबानी के नाम से जाना जाता है। जिसका मतलब है गुरु के मुख से निकली हुई वाणी। माना जाता है कि सिख धर्म के 10वें गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपना शरीर त्यागने से पहले सिख समुदाय के लोगों को ये आदेश दिया था कि अब से गुरु ग्रंथ साहिब जी ही आपके गुरु होंगे। आप उन्हीं के आगे शीश झुकाएंगे। कहते हैं तभी से सिख धर्म के लोगों का ये मुख्य ग्रंथ बन गया।

    Laveena Sharma
    लवीना शर्माauthor

    धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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