Parshuram Bhagwan Ki Aarti, Mantra: परशुराम जयंती भगवान विष्णु के छठवें अवतार को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। इसलिए इस शुभ दिन पर श्रद्धालु भगवान परशुराम की विधि विधान पूजा करते हैं और उनके मंत्रों का जाप करते हैं। कहा जाता है कि परशुराम जी का जन्म प्रदोष काल में हुआ था। इसलिए इस दिन की पूजा के लिए यही मुहूर्त सबसे शुभ माना जाता है। यहां आप देखेंगे भगवान परशुराम की आरती और मंत्र।
श्री परशुराम आरती (Shree Parshuram Bhagwan Ki Aarti)
ॐ जय परशुधारी,स्वामी जय परशुधारी।
सुर नर मुनिजन सेवत,श्रीपति अवतारी॥
ॐ जय परशुधारी...॥
जमदग्नी सुत नर-सिंह,मां रेणुका जाया।
मार्तण्ड भृगु वंशज,त्रिभुवन यश छाया॥
ॐ जय परशुधारी...॥
कांधे सूत्र जनेऊ,गल रुद्राक्ष माला।
चरण खड़ाऊँ शोभे,तिलक त्रिपुण्ड भाला॥
ॐ जय परशुधारी...॥
ताम्र श्याम घन केशा,शीश जटा बांधी।
सुजन हेतु ऋतु मधुमय,दुष्ट दलन आंधी॥
ॐ जय परशुधारी...॥
मुख रवि तेज विराजत,रक्त वर्ण नैना।
दीन-हीन गो विप्रन,रक्षक दिन रैना॥
ॐ जय परशुधारी...॥
कर शोभित बर परशु,निगमागम ज्ञाता।
कंध चाप-शर वैष्णव,ब्राह्मण कुल त्राता॥
ॐ जय परशुधारी...॥
माता पिता तुम स्वामी,मीत सखा मेरे।
मेरी बिरद संभारो,द्वार पड़ा मैं तेरे॥
ॐ जय परशुधारी...॥
अजर-अमर श्री परशुराम की,आरती जो गावे।
'पूर्णेन्दु' शिव साखि,सुख सम्पति पावे॥
ॐ जय परशुधारी...॥
भगवान परशुराम मंत्र (Bhagwan Parshuram Mantra)
-ॐ रां रां ॐ रां रां परशुहस्ताय नमः।
-ॐ नमः परशुहस्ताय नमः कोदण्डधारिणे।
नमस्ते रुद्ररूपाय विष्णवे वेदमूर्तये॥
-ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि।
तन्नो परशुराम प्रचोदयात्॥
जानिए मई में पूर्णिमा कब है 2026। पढ़ें हिंदी में अध्यात्म से जुड़ी सभी छोटी बड़ी न्यूज़ और ताजा समाचार के लिए जुड़े रहें टाइम्स नाउ नवभारत से|
